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रतलाम पुलिस की बड़ी कार्यवाई : नशे के सौदागरों पर 'पिट एनडीपीएस' का शिकंजा, पांच कुख्यात तस्कर पहुंचे सेंट्रल जेल
 

 

 

रतलाम, 23 जून (इ खबर टुडे)।  जिले को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के संकल्प के साथ रतलाम पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर दंडात्मक कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में पुलिस ने बार-बार ड्रग्स तस्करी में संलिप्त रहने वाले पांच कुख्यात आरोपियों को पिट एनडीपीएस एक्ट (PIT NDPS Act), 1988 के तहत निरुद्ध (Detain) कर केंद्रीय जेल इंदौर भेज दिया है।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि समाज में जहर घोलने वाले ड्रग माफियाओं और तस्करों की पहचान कर उन पर केवल सामान्य मुकदमे दर्ज न किए जाएं, बल्कि 'पिट एनडीपीएस एक्ट' के तहत निरोधात्मक कार्रवाई कर उन्हें समाज से अलग किया जाए। इसी दिशा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार एवं राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन में पुलिस ने लगातार निगरानी रखकर इन आदतन अपराधियों का रिकॉर्ड तैयार किया था।

इन 5 आरोपियों को भेजा गया जेल
पुलिस द्वारा चिन्हित किए गए पांच आरोपी मुजफ्फर उर्फ मुज्जा (25 वर्ष) पिता रईस फकीर निवासी नाना साहब का बाग जावरा, दिनेश (42 वर्ष) पिता बालाराम चर्मकार निवासी ग्राम रिछादेवड़ा थाना कालूखेड़ा, मांगीलाल कीर (52 वर्ष) पिता लक्ष्मण कीर निवासी ग्राम धतुरिया थाना पिपलौदा, मुकेश (35 वर्ष) पिता राधेश्याम बैरागी निवासी ग्राम जेठाना थाना कालूखेड़ा, मोहनलाल (64 वर्ष) पिता नन्दराम पाटीदार निवासी ग्राम कराड़िया थाना बरखेड़ाकला है। आरोपियों को इस कड़े कानून के तहत निरोध में लेकर केंद्रीय जेल इंदौर दाखिल किया गया है।  

सराहनीय भूमिका
मादक पदार्थों के खिलाफ इस बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देने में जावरा शहर थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक मंडलोई, कालूखेड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह चौहान, पिपलौदा थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश कोली, बरखेड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक पतिराम डावरे, प्रधान आरक्षक अनीश सिंह और रीडर शाखा के आरक्षक विकास पालीवाल की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।

क्या है पिट एनडीपीएस एक्ट (PIT NDPS Act)?
यह कानून मादक पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए बनाया गया एक विशेष निरोधात्मक कानून है। इसके तहत आदतन अपराधियों और बड़े तस्करों को अपराध करने से रोकने के लिए बिना जमानत के एक निश्चित अवधि (आमतौर पर एक वर्ष तक) के लिए सीधे जेल में निरुद्ध (Detain) रखा जा सकता है।

भविष्य में भी जारी रहेगी कार्रवाई: रतलाम पुलिस
रतलाम पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में नशे के कारोबार को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा। भविष्य में भी ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ इसी तरह के सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे की गर्त में जाने से बचाया जा सके और समाज में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो।