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रतलाम / 3.5 साल का कोर्स 6 साल में भी अधूरा, 25 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे माही नर्सिंग कॉलेज के छात्र, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

 

 

​रतलाम,03 सितंबर(इ खबर टुडे)। माही इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग (सैलाना) के करीब 30 विद्यार्थियों ने अपनी विभिन्न शैक्षणिक समस्याओं और परीक्षाओं में हो रही भारी देरी को लेकर मोर्चा खोल दिया है। छात्र-छात्राएं रतलाम से लगभग 25 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और उग्र नारेबाजी करते हुए एसडीएम तरुण जैन को ज्ञापन सौंपा।

​यह प्रदर्शन 'आदिवासी छात्र संगठन' के बैनर तले आयोजित किया गया था। ज्ञापन के माध्यम से मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलसचिव से समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई।

​सपना बोस का छलका दर्द: "साढ़े तीन साल का कोर्स 6 साल में भी पूरा नहीं हुआ"
कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्रा सपना बोस (निवासी खेड़ावदा) ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, "हमारी समस्या बहुत बड़ी है। जीएनएम का कोर्स साढ़े तीन साल का होता है, लेकिन हमें करते-करते 6 साल हो चुके हैं और अभी तक कोर्स पूरा नहीं हुआ है। केवल दो साल की परीक्षाएं हुई हैं, तीसरा साल अब भी अटका हुआ है। जब हम कॉलेज प्रबंधन को फोन करते हैं तो वे कॉल तक नहीं उठाते। घरवाले कहते हैं कि तुम्हारे साथ वाले आगे निकल गए और तुम अब तक नर्सिंग ही कर रही हो। हमारा भविष्य पूरी तरह अधर में लटक गया है।"

​वहीं, एक अन्य छात्रा प्रियंका निनामा अपने डेढ़ साल के मासूम बच्चे को गोद में लेकर इस 25 किलोमीटर के पैदल मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने बताया कि गरीब परिवारों से होने के बावजूद वे किसी तरह फीस भर रहे हैं, लेकिन पिछले 3 सालों से छात्रवृत्ति भी नहीं मिली है।

​विद्यार्थियों की माँगें
​GNM 2021–22 बैच के 3rd Year की परीक्षा शीघ्र आयोजित की जाए। GNM 2022–23 प्रथम वर्ष का रिजल्ट जल्द घोषित किया जाए। GNM 2nd Year की परीक्षा जल्द कराई जाए। ​यदि कॉलेज की मान्यता या सम्बद्धता में कोई समस्या है, तो विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त अन्य कॉलेज में ट्रांसफर किया जाए। विद्यार्थियों की रुकी हुई स्कॉलरशिप जल्द प्रदान की जाए।

​छात्रों का कहना है कि 3 वर्ष का GNM कोर्स काफी लंबा खिंच जाने के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। पीड़ित छात्रा प्रियंका निनामा ने बताया कि उन्हें पिछले 3 वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिली है और कॉलेज प्रशासन द्वारा उचित सहयोग नहीं मिल रहा है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।