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श्री नित्यानंद आश्रम में मनेगा श्रीकेशव भगवान का 'महानिर्वाण शताब्दी महोत्सव

 तैयारियों को लेकर गुरुभक्तों की बैठक संपन्न 
 
 "संत है तो सोना सोना है, नहीं तो सूना सूना है" – संत श्री नर्मदानंद जी बापजी
 

रतलाम,16 मार्च (इ खबर टुडे)। सागोद रोड स्थित आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र, श्रीनित्यानंद आश्रम में श्री केशव भगवान का 100वां महानिर्वाण शताब्दी महोत्सव गौरवशाली और भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन की रूपरेखा तैयार करने हेतु संत श्री श्री 1008 नर्मदानंद जी बापजी के पावन सानिध्य में नगर के गणमान्य नागरिकों और गुरु भक्तों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिसमें आयोजन के सफल संचालन हेतु समितियों के गठन, दायित्व एवं सुझाव पर चर्चा हुई। 

इस अवसर पर संत श्री नर्मदानंद बापजी ने  श्रीकेशव भगवान की महिमा पर प्रकाश डालते हुए अपने उद्बोधन में कहा है कि यू तो समर्थ गुरुदेव श्रीनित्यानंद बापजी  को मंत्र दीक्षा दादा गुप्तानंद जी बापजी द्वारा दी गई थी किंतु वस्त्र दीक्षा श्रीकेशव भगवान द्वारा दी गई थी।  श्री नित्यानंद आश्रम, सागोद की तपोभूमि का उल्लेख करते कहा कि लगभग 125 वर्ष पूर्व इस आश्रम भूमि पर केशव भगवान ने कठोर तप किया।जिसकी ऊर्जा आज भी यहां विधमान है, यही एकमात्र ऐसा आश्रम है जहां तीनों गुरुदेव श्री गुप्तानंद दादा ,श्री केशव भगवान, श्री नित्यानंद बापजी ने इस घनघोर जंगल के बीच कुटिया में साधना कर तपोभूमि बनाया एवं कई शास्त्र भी लिखे  और इसी तपोभूमि पर श्रीकेशव भगवान वर्ष 1926 में समाधिस्थ हुए।

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उन्होंने कहा कि  गुरुदेव के आशीर्वाद से आज यह सनातन धर्म की अद्वितीय धरोहर है, जहा‌‌ॅं हर गुरुभक्त  पहुॅंचकर असीम शांति, गुरुकृपा एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव पाता है। इस आश्रम के   बड़ी संख्या में देश ही नहीं अपितु विदेशो में भी गुरुभक्त है जो आश्रम की कीर्ति को फैला रहे हैं। इसीलिए कहा है कि "संत जहा होते है वहा सोना सोना है नहीं तो सूना सूना है।"

बापजी श्री ने अपने संबोधन में श्री केशव भगवान का महानिर्वाण शताब्दी वर्ष (100 वा वर्ष) में होने वाले विभिन्न आयोजनों में नगर के सभी धर्मावलम्बियों एवं गुरु भक्तों से कार्यक्रम में सहभागिता कर  सम्मिलित होकर एवं धर्मलाभ लेकर मानवकल्याण एवं अपने जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया।

इन्होने दिए महत्वपूर्व सुझाव 

इस महत्वपूर्ण आयोजन की बैठक में सनातन धर्मसभा अध्यक्ष  अनिल झालानी, महापौर  प्रहलाद पटेल,  गोविंद काकानी ,  प्रेमलता दवे ,चिंतक कैलाश व्यास ,  भगत सिंह भदोरिया,  पवन सोमानी , मोहन मुरलीवाला ,  नरेंद्र जोशी (गुल्लू ),  सुरेश पापटवाल, सतीश राठौड़ (गढ़ कैलाश), पंकज भाटी(सेवावीर),  
चंद्रप्रकाश व्यास, श्रीमती अनीता कटारा पार्षद,  निर्मल कटारिया,  नवीन चौधरी, मदन सोनी आदि ने आयोजन के संदर्भ में अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।  बैठक में आयोजन समिति गठन और होने वाले धार्मिक आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई ।

ये रहे उपस्थित 

इस बैठक में  मनोहरलाल पंड्या,  पृथ्वीराज व्यास,   पूनमचंद्र पटेल ,  ओमप्रकाश ठन्ना,  इंदुशेखर आचार्य,   आनंदशर्मा,  बलरामभट्ट पार्षद, तुषार कोठारी पत्रकार,दिलजीत  मान, बसंतीलालधाकड़,   संजय दवे,   रामबाबू शर्मा, श्रीमती अनीता कटारा ,   संदीप यादव (पूर्व पार्षद),  उपमन्यु मल्होत्रा,   समरथ पाटीदार एडवोकेट, गोपाल पंड्या ,  जितेंद्र  ठन्ना , कैलाश पाटीदार, राजेश पाटीदार, निखिल सोलंकी अशोक चौहान,हेमंत चौहान, राधेश्याम नायमा, अखिलेश गुप्ता,शैलेंद्रगौड़ एडवोकेट,डॉ.ईश्वरबोराना,अनिल पाटीदार ( सरपंच धोसवास), लक्ष्मीकांत शर्मा (सैलाना), गोपाल राठी,विजयओझा राजेश माहेश्वरी,महेश व्यास, डॉ दिलीपपंड्या  नारायण परिहार पिंटू शर्मा, जनार्दन व्यास, विकास शेवाल, आकाश पारिख,  संजय चौधरी, प्रहलाद सोलंकी शंकरलाल उपाध्याय (जावरा), घनश्याम बैरागी (एडवोकेट), राजेश कोठारी, राधेश्याम पांचाल, मदन शर्मा,ईश्वरलाल, मनोहर राठौड़,  भेरूलाल राठौड़,  राजेन्द्र बंजारा, संजय सोलंकी अनिल पांचाल भुवनेश  मिश्रा,  गोवर्धनपटेल, नृसिंह पटेल विनोद चौधरी सहित बड़ी संख्या में गुरु भक्त उपस्थित थे।   बैठक का संचालन राजेश सक्सेना ने किया, एवं आभार जुगल पंड्या ने व्यक्त किया।