राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लगी,यात्री धूप में परेशान होते रहे
उज्जैन,14अप्रैल(इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। अपनी मांगों के लिए जिद पर अडे किसानों ने मंगलवार को उज्जैन-झालावाड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भरी दोपहरी में जाम लगा दिया। दो घंटे से अधिक समय तक जाम चलता रहा । इस दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। किसान जिला आपूर्ति अधिकारी शालू वर्मा को स्थल पर बुलाकर ही माने। उससे पहले आंदोलनकारी किसानों ने उन्हें हटाने की मांग तक कर दी थी। एसडीएम राजाराम करजरे ज्ञापन लेने पहुंचे तो उन्हें लौटा दिया गया।
मंगलवार दोपहर को भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष बहादुरसिंह आंजना के नेतृत्व में महिदपुर तहसील के किसानों ने घट्टिया थाना क्षेत्र अंतर्गत निपानिया गोयल में समर्थन मुल्य पर खरीदी में आ रही परेशानियों को लेकर आंदोलन छेड दिया। दोपहर से अपरांह् तक जाम चलता रहा। इससे हाईवे पर दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्री वाहनों में सवार गर्मी के मारे परेशान होते रहे। किसानों को समझाने एवं उनसे ज्ञापन लेने स्थल पर पहुंचे घट्टिया एसडीएम राजाराम करजरे ,डीएसपी भारतसिंह यादव सहित अन्य अधिकारी पहुंचे थे लेकिन किसान अपनी मांगों पर अडे रहे एवं जिला आपूर्ति अधिकारी शालू वर्मा को स्थल पर बुलाने की मांग करते रहे। अंतत: सुश्री वर्मा के आने पर किसानों ने अपना आक्रोश जताते हुए उन्हें समस्याओं से अवगत करवाया।
ये रखी मांगे-
गेहूं खरीदी में सीमा को समाप्त कर प्रत्येक खरीदी केंद्र पर 3500 क्विंटल प्रतिदिन के स्नॉट बुक हो । उसी हिसाब में तुलाई के लिए पर्याप्त तोल कांटे, बारदान और मजदूर खरीदी केंद्र पर उपलब्ध हो। जिन किसानों के पंजीयन में भौतिक सत्यापन की मांग की जा रही है उसे शीघ्र ठीक किया जाए। नॉन FAQ के नाम पर किसानों को परेशान करना तुरंत बंद किया जाए। कुछ खरीदी केंद्रों पर अत्यधिक भार होने के कारण नई खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग वाले लेकोडा (उज्जैन), जहांगीरपुर (बड़नगर), माली खेड़ी (घटिया) इन्हें 2 दिन में शुरू किया जाए। व्यवस्था में लगे विभाग किसानों से सहयोग नहीं कर रहे हैं अगर उनका यही रवैया रहा तो किसान संघ इनके खिलाफ कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगा। पराली जलाने पर जिले में किसी भी किस पर कोई भी कार्रवाई होती तो भारतीय किसान संघ उग्र आंदोलन करेगा। इस दौरान एसडीएम राजाराम करजरे भी मौजूद रहे। किसानों ने यह भी कहा कि जिन किसान परिवारों में बेटियों की शादी है एवं घरों में गेंहु भरा है उनसे उपज लेकर तुलवा ली जाए पैसा भले ही बाद में दे दिया जाए। ऐसे मामलों में मानवीयता अपनाई जाए जिससे किसान अपनी बेटी का विवाह व्यवस्थित कर सके।
समस्याओं से वरिष्ठों को अवगत करवाया- सुश्री वर्मा
जिला आपूर्ति अधिकारी सुश्री वर्मा का कहना था कि किसान प्रति सेंटर खरीदी की क्षमता बढाने के लिए मांग कर रहे थे जो कि पूर्व से ही स्लाट बुकिंग पर आधारित है। वर्तमान में प्रति केंद्र एक हजार क्विंटल की खरीदी की जा रही है। स्लाट के पून: सत्यापन का मामला सेटेलाईट से संबंधित होने पर इसका सत्यापन किया जा रहा है। सेटेलाईट ने कुछ पंजीयनों में स्थल पर गेंहु ही नहीं बताया है। यह भोपाल से संबंधित मसला है। किसी किसान परिवार में विवाह है तो स्लाट बुकिंग ओपन है। संबंधित मांगों से जिला कलेक्टर एवं भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवाया जा रहा है।