नन्ही बालिकाओं ने तलवारें लहराई और खेला गरबा, दुर्गा पूजन के साथ हुआ शस्त्र पूजन
*** बालिकाओ को किया शस्त्र वितरण
रतलाम17 अक्टूबर (इ खबर टुडे)। मां दुर्गा की आराधना, हाथों में तलवारें और गरबा की लय पर कदमताल करती बालिकाएं... नवरात्रि के पावन पर्व पर ग्राम नांदलेटा में भक्ति के साथ शौर्य और शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां बालिकाओं ने तलवारों के साथ गरबा प्रस्तुत कर अपनी कला, आत्मविश्वास और अनुशासन का प्रदर्शन किया। पारंपरिक गरबा के इस शौर्यपूर्ण स्वरूप ने आयोजन को विशेष पहचान दी। परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी आनंद गिरि महाराज के सानिध्य में दुर्गा पूजन, महाआरती, शास्त्र पूजन और शस्त्र वितरण का आयोजन किया गया। इसी दौरान तलवारों के साथ गरबा करती बालिकाओं की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। गरबा की लय के साथ तलवारों का संतुलित संचालन और बालिकाओं का आत्मविश्वास शौर्य, साधना और समर्पण की झलक पेश कर रहा था। इसके साथ ही विभिन्न गरबा पांडालो में 500 तलवारों के वितरण का संकल्प लिया गया।
आयोजन में शामिल बालिकाओं और ग्रामवासियों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश दिया गया। इस अवसर पर जुना अखाड़े के महंत नरेन्द्र गिरी जी महाराज, करनीसेना परिवार के मुखिया अध्यक्ष ठा.जीवनसिंह शेरपूर, दशनामी दत्त सेना के अध्यक्ष संजयपुरी गोस्वामी , रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी उपस्थित रहे।
आचरण में दुर्गा और लक्ष्मीबाई को भी अवश्य उतारे
आजादचौक और देवनारायण मंदिर के गरबा पांडाल में अतिथियों ने महाआरती की। इसके पूर्व आजाद चौक में कन्या भोज का भव्य आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और महाआरती के बाद शास्त्र एवं शस्त्र पूजन किया गया। इस अवसर पर स्वामी आनंद गिरि महाराज ने अपने प्रवचन में शक्ति की आराधना के साथ ज्ञान, संस्कार और आत्मसंयम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को संबोधित करते हुए स्वामी आंनदगिरी जी ने कहा कन्याए अध्ययन में पीछे न रहे, बड़े पदों पर जाए और साथ में अपने आचरण में दुर्गा और लक्ष्मीबाई को भी अवश्य उतारे। जिससे राष्ट और धर्म रक्षा का भाव सदैव बना रहे
स्वामीजी ने कहा शास्त्र मनुष्य को सदाचार, विवेक और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जबकि शस्त्र का उपयोग आत्मरक्षा और समाज की सुरक्षा के लिए निर्धारित मयार्दाओं के अंतर्गत ही किया जाना चाहिए।
महापुरूषो के चित्रों से सजा गरबा पांडाल
मां दुर्गा की आराधना, गरबा की गूंज और महापुरुषों व शहीदों के चित्रों से सजा पंडाल ग्राम नांदलेटा में नवरात्रि का आयोजन भक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति और शौर्य का संदेश दे रहा है। गरबा पंडाल में महापुरुषों और देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के चित्रों के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके त्याग, साहस और योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया गया। पंडाल में महापुरुषों और शहीदों के चित्रों की सजावट ने धार्मिक आयोजन को सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम से जोड़ दिया।