चरित्र शंका में चचेरे भाई की तलवार से हत्या, दोषी को आजीवन कारावास; कोर्ट ने लगाया 5 हजार रुपये का जुर्माना
रतलाम, 30 जून( इ खबर टुडे)। करीब साढ़े तीन वर्ष पहले सैलाना थाना क्षेत्र के ग्राम गोवर्धनपुरा में चरित्र शंका के चलते हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश श्री निर्मल मंडोरिया ने आरोपी राकेश पिता दौला मईडा (32) निवासी ग्राम गोवर्धनपुरा, थाना सैलाना को हत्या का दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार 4 दिसंबर 2022 को ग्राम गोवर्धनपुरा निवासी बापू पिता नगजी मईडा ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका बड़ा भाई राजू मईडा गांव के पास छोगालाल पाटीदार के खेत पर हाली और पाणत का काम करता था। उसी सुबह गांव के सुरेश ने सूचना दी कि राजू खेत पर झोपड़ी के बाहर औंधे मुंह पड़ा हुआ है और कोई हरकत नहीं कर रहा है।
सूचना मिलने पर जब परिजन मौके पर पहुंचे तो राजू मईडा मृत अवस्था में मिला। उसके चेहरे, बाएं जबड़े, कान, गले तथा पेट पर धारदार हथियार से किए गए गंभीर वार के निशान थे। शव के पास और बिस्तर पर काफी मात्रा में खून फैला हुआ था। खेत मालिक छोगालाल पाटीदार ने भी घटना की सूचना पुलिस को दी। प्रारंभिक जांच में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच में चचेरे भाई पर पहुंचा शक
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर खून से सनी एवं सादी मिट्टी, कपड़े तथा अन्य साक्ष्य जब्त किए। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने परिजनों एवं अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए।
जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मृतक की हत्या उसके चचेरे भाई राकेश मईडा ने की है और वह महू क्षेत्र में अपने मामा के यहां आयोजित एक कार्यक्रम में गया हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे संदेह था कि उसका चचेरा भाई राजू उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है। इसी चरित्र शंका के कारण उसने तलवार से हमला कर राजू की हत्या कर दी।
तलवार, कपड़े और बाइक की बरामदगी बनी अहम साक्ष्य
आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की तलवार, घटना के समय पहने गए कपड़े तथा हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक MP-43-DP-3271) बरामद की। बरामद तलवार की चिकित्सकीय राय प्राप्त की गई तथा जब्त सामग्री को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) एवं डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया।
एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट सहित वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया।
मौखिक, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर हुई दोषसिद्धि
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष मौखिक गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल एवं डीएनए रिपोर्ट सहित अन्य वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत किए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी राकेश मईडा को हत्या का दोषी करार दिया।
अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने 30 जून 2026 को सुनाए गए निर्णय में आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
इस चर्चित एवं जघन्य हत्या प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गोल्डन राय ने प्रभावी पैरवी की। वहीं अभियोजन कार्यालय की ओर से सहायक संचालक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यावार ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध मानते हुए कठोर सजा सुनाई।