रतलाम में सुलग रहा स्कूली बदहाली का मुद्दा: शिवपुर के बाद अब सिखेड़ी के बच्चे सड़क पर; जर्जर भवन से सहमे विद्यार्थी, कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े
रतलाम, 08 जुलाई (इ खबर टुडे)। जिले के सरकारी स्कूलों की बदहाली और मूलभूत सुविधाओं का अभाव अब मासूम बच्चों के सब्र का बांध तोड़ रहा है। बीते दिन जिला मुख्यालय पर हुए हंगामे के बाद, आज बुधवार को नामली नगर परिषद् क्षेत्र के ग्राम सिखेड़ी में एक बड़ा मामला सामने आया। यहाँ कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने स्कूल जाने के बजाय स्कूल के मुख्य गेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन और हड़ताल शुरू कर दी। बारिश के इस मौसम में जर्जर स्कूल भवन से टपकते पानी और ढहते प्लास्टर से डरे-सहमे बच्चे और उनके परिजन मौके पर 'कलेक्टर मैडम' को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
प्रदर्शन कर रहे स्कूली बच्चों और उनके परिजनों का सीधा आरोप है कि स्कूल की बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। छत से लगातार पानी टपक रहा है और दीवारों का प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी खौफनाक स्थिति में बच्चों को स्कूल भेजना मौत के कुएं में धकेलने जैसा है। कभी भी कोई बड़ी अनहोनी या हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
हाथों में तख्तियां और 'न्याय' की हुंकार
बुधवार सुबह स्कूल पहुंचे बच्चे कक्षाओं में जाने के बजाय गेट के बाहर जमा हो गए। बच्चों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर "हम भी पढ़ना चाहते हैं, स्कूल व्यवस्था में सुधार करो", "हम बच्चों का न्याय करो" और "हम बच्चों का है अधिकार, मेन्यू के अनुसार मिले आहार" जैसे नारे लिखे थे। बच्चे और ग्रामीण व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए।
दो घंटे बाद जागा अमला, समझाइश रही बेअसर
सिखेड़ी में बच्चों के आंदोलन की खबर से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। प्रदर्शन शुरू होने के करीब दो घंटे बाद शिक्षा विभाग की अधिकारी जागृति छाजेड़ मौके पर पहुंचीं और बच्चों व ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन, आक्रोशित ग्रामीण और बच्चे उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए और कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को बिगड़ता देख तहसीलदार आशीष उपाध्याय भी तुरंत मौके पर पहुंचे। तहसीलदार और शिक्षा विभाग की टीम बच्चों को समझाइश देने में जुटी थी, लेकिन बच्चे अपनी सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग पर अड़े हुए थे। सुबह दस बजे से चालु प्रदर्शन ग्रामीणजन और बच्चो को अधिकारियों के लिखित आश्वासन मिलने के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे समाप्त हुआ।
लगातार दूसरे दिन गरमाया स्कूली मुद्दा
गौरतलब है कि रतलाम जिले में स्कूलों की बदहाली का यह लगातार दूसरा मामला है। बीते दिन मंगलवार को भी ग्राम शिवपुर के स्कूली बच्चे और ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्टोरेट पहुंचे थे। वहां उन्होंने स्कूल जाने वाले रास्ते की बदहाली और सड़क की समस्या को लेकर कलेक्टोरेट परिसर में ही धरना दे दिया था। आश्वासन के बाद वह धरना शांत हुआ ही था कि अगले ही दिन सिखेड़ी के बच्चों ने मोर्चा खोल दिया, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।