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 रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1 करोड़ की एमडी ड्रग्स के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

 

 

रतलाम, 26 जून (इ खबर टुडे)। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' मुहिम के तहत रतलाम पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। रिंगनोद थाना पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 1 किलोग्राम अवैध एम.डी. ड्रग्स बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार, बीते दिन गुरुवार को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक तस्कर भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर महू-नीमच फोरलेन हाईवे स्थित बरखेड़ी फंटा (ढोढर क्षेत्र) से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाई और एनडीपीएस एक्ट के नियमों का पालन करते हुए मौके पर घेराबंदी की। संदिग्ध के आते ही उसे रोककर जब विधिवत तलाशी ली गई, तो उसके पास से 1000 ग्राम अवैध एम.डी. ड्रग्स बरामद हुई, जिसे मौके पर ही जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।

राजस्थान का है आरोपी तस्कर
पकड़े गए आरोपी की पहचान युनुस (52 वर्ष), पिता नियामत खान पठान, निवासी ग्राम व थाना कोटड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उसके अंतरराज्यीय संपर्कों को खंगाल रही है।


"नशे के अवैध कारोबार और संगठित गिरोहों के खिलाफ रतलाम पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। युवाओं और समाज को इस लत से सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है।"
अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, रतलाम

मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, एएसपी (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी जावरा संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में रिंगनोद थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह आजाद व ढोढर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रघुवीर जोशी की टीम आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह ड्रग्स कहां से लाई जा रही थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। इस पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े हर छोटे-बड़े आरोपी के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सराहनीय भूमिका
इस बड़ी सफलता में रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद, उप निरीक्षक रघुवीर जोशी, उप निरीक्षक राजेश मालवीय, एएसआई अशोक चौहान, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह राठौर, हर्षवर्धन सिंह जगावत, आरक्षक राधेश्याम चौहान, नरेंद्र सिंह जगावत, रविंद्र सिंह चौहान, शोभाराम शर्मा, सैनिक छत्रपाल सिंह और रतलाम साइबर सेल की विशेष व सराहनीय भूमिका रही।