सिद्ध तीर्थ बरबड में रविवार को अभिजीत मुहूर्त में होगी मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वज-कलश स्थापना
रतलाम, 29 नवंबर(इ खबर टुडे)। सिद्ध तीर्थ श्री बरबड हनुमान जी मंदिर पर मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वज-कलश स्थापना महोत्सव के चौथे दिन भगवान की मूर्तियों का जल में अधिवास कराया गया। इससे पूर्व दिनभर हवन हुआ, जिसमे यज्ञाचार्य पं दुर्गाशंकर औझा और 11 भूदेवों के मंत्रोप्पचार के साथ यजमान संध्या-चंद्रप्रकाश सारडा, ममता-अनिल झालानी, निकिता-संजय अग्रवाल, गायत्री-रमेश मित्तल, लक्ष्मी-महेश अग्रवाल ने आहूतियां दी।
शनिवार को महोत्सव में शामिल होने महामंडलेश्वर पूज्य 1008 श्री ईश्वरानन्दजी महाराज उत्तम स्वामीजी रतलाम आएं। वे रविवार दोपहर 11-45 बजे अभिजित मुहुर्त में मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वज-कलश स्थापना कराएँगे। इसके बाद दोपहर 1 से 4 बजे तक महाप्रसादी का आयोजन होगा।
श्री बरबड हनुमान मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर में श्री हनुमानजी की मूर्ति स्थापित है। ट्रस्ट ने 10 करोड से अधिक राशि खर्च कर मंदिरों का नवनिर्माण कराया गया है, जिसमें श्री राम दरबार, श्री राधा-कृष्ण, श्री अंबे माताजी, श्री गणेशजी, श्री शिव परिवार की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा के साथ शिखर पर ध्वजा और स्वर्ण कलश की स्थापना की जाएगी। महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में की गई आकर्षक विद्युत साज-सज्जा और सजावट सबका मन मोह रही है। ट्रस्ट ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से महोत्सव में अधिक से अधिक उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आव्हान किया हैं।
पावन कार्यो में किया गया कार्य व्यर्थ नहीं जाता -उत्तम स्वामीजी
महामंडलेश्वर पूज्य 1008 श्री ईश्वरानन्दजी महाराज उत्तम स्वामीजी ने सिद्ध तीर्थ श्री बरबड हनुमान जी मंदिर पर मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वज-कलश स्थापना महोत्सव में प्रवचन देते हुए कहा कि पावन कार्यो में किया गया कार्य व्यर्थ नहीं जाता। जगत में 3 मंदिर क्रमशः मंदिर , घर में और मनुष्य के अंतकरण में है | प्रत्येक व्यक्ति को ये विचार करना चाहिए कि उसने जीवन में परमात्मा को प्रसन्न करने के लिए कोई कार्य किए है या नहीं और यदि किए तो वे उसे धर्म युक्त करने वाले हो। परमात्मा को प्रसन्न करने का बड़ा साधन सद्गुणों का विकास है।
आरम्भ में श्री बरबड हनुमान मंदिर ट्रस्ट की और से महापौर प्रह्लाद पटेल, अनिल झालानी और मंदिर के शिल्पी भरत भाई सोनपुरा ने स्वागत किया। महापौर श्री पटेल ने मंदिर का इतिहास बताया। घटवास वाले पं दिनेश व्यास ने उत्सवी आयोजनों के लिए रतलाम की प्रशंसा की| इस अवसर पर निःशुल्क भोजन बनाने वाले शंकरलाल व्यास का भी सम्मान किया गया। संचालन कैलाश व्यास द्वारा किया गया।