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 पत्नी के प्रेमी की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले पति को उम्रकैद

 

 

​रतलाम, 13 अगस्त (इ खबर टुडे)। न्यायालय श्रीमान अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया (रतलाम) ने पत्नी के प्रेमी की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी शैलेन्द्र सिंह (43 वर्ष), निवासी आदिनाथ कॉलोनी, रतलाम को धारा 302 भादवि के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला शासन द्वारा चिन्हित, जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी का था।

​सहायक निदेशक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यवार ने बताया कि घटना 04 जुलाई 2021 की रात की है। फरियादी सुशील उर्फ प्रिंस के अनुसार, उसके अंकल के लड़के जितेन्द्र खत्री का प्रेम-प्रसंग अभियुक्त शैलेन्द्र सिंह की पत्नी यामिनी के साथ पिछले तीन सालों से चल रहा था।

​घटना की रात जितेन्द्र अपने भाई सुशील के पास से मकान की रजिस्ट्री के खर्च के लिए 1 लाख रुपये लेकर शैलेन्द्र के घर गया था। लगभग पौन घंटे बाद जितेन्द्र के चिल्लाने (बचाओ-बचाओ) की आवाज सुनकर जब परिजन बाहर भागे, तो उन्होंने देखा कि जितेन्द्र लहूलुहान हालत में शैलेन्द्र के घर के बाहर खड़ा था। तभी आरोपी शैलेन्द्र सिंह ने पीछे से आकर जितेन्द्र की गर्दन और पीठ पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

​परिजनों के बीच-बचाव करने पर आरोपी मौके से भाग निकला, जबकि चाकू जितेन्द्र की गर्दन में ही फंसा रह गया। घायल जितेन्द्र को तत्काल जिला चिकित्सालय रतलाम ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​पुलिस विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्य बने आधार
​माणकचौक पुलिस ने अपराध क्रमांक 334/2021 (धारा 302 भादवि) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटना स्थल से खून से सने सोफा कवर, मृतक का मोबाइल, एक लाख रुपये नकद, चप्पल और अन्य भौतिक साक्ष्य जब्त कर FSL (सागर) परीक्षण के लिए भेजे। गहन जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया।

​न्यायालय का फैसला
​विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मौखिक, दस्तावेजी और चिकित्सीय/वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी शैलेन्द्र सिंह को दोषी पाया और 13 अगस्त 2026 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।