रतलाम / चरित्र शंका में पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास
रतलाम,20 जून (इ खबर टुडे)। चरित्र पर शंका के चलते अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या करने और बीच-बचाव करने आई सास पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी पति को अदालत ने कड़ा दंड दिया है। न्यायालय पंचम अपर सत्र न्यायाधीश, रतलाम की न्यायाधीश श्रीमती श्वेता तिवारी ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अभियुक्त हीरासिंह (52 वर्ष) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर मात्र 3 साल 1 महीने की अल्पावधि में ट्रायल पूरा कर यह फैसला सुनाया।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सौरभ सक्सेना ने बताया कि घटना थाना औद्योगिक क्षेत्र, रतलाम के अंतर्गत सालाखेड़ी क्षेत्र की है। मृतका मानकुंवर उर्फ मांगूबाई की शादी हीरासिंह पिता अमरसिंह राजपूत (चौहान) से हुई थी। शादी के बाद से ही हीरासिंह अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका करता था और उसके साथ मारपीट करता रहता था।
विवाद के चलते करीब 8-9 महीने पहले हीरासिंह अपनी पत्नी को उसकी मां धन्नाबाई के घर (गुवाड़ी) छोड़ गया था। घटना के दिन 20 अप्रैल 2023 की अलसुबह करीब 3:30 बजे आरोपी हीरासिंह हाथ में कुल्हाड़ी लेकर धन्नाबाई के घर पहुंचा। वह छत का पतरा तोड़कर अंदर घुसा और पत्नी मानकुंवर के साथ गाली-गलौज कर झगड़ा करने लगा।
कुल्हाड़ी से किए ताबड़तोड़ वार
विवाद के दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी मानकुंवर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। जब उसकी सास धन्नाबाई बीच-बचाव करने आई, तो आरोपी ने उन्हें भी जान से मारने की नीयत से उनके कंधे व छाती पर कुल्हाड़ी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर दीवार फांदकर भाग निकला। गंभीर चोटों के कारण मानकुंवर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, उसकी गर्दन पर गहरे घाव थे और काफी खून बह चुका था।
इन धाराओं में मिली कड़ी सजा
फरियादी राजेन्द्रसिंह पंवार की रिपोर्ट पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें और 15 गवाहों के बयान सुनने के बाद आरोपी हीरासिंह को धारा 302 (हत्या): आजीवन कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड, धारा 307 (जानलेवा हमला - सास पर): 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 3,000 रुपये का जुर्माना, धारा 449 (रात्रिकालीन गृह अतिचार): 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 3,000 रुपये का जुर्माना के तहत सजाओं से दंडित किया।
वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाह रहे मुख्य आधार
अदालत में मामले को साबित करने के लिए प्रत्यक्षदर्शी गवाह (घायल सास धन्नाबाई) के बयान मुख्य आधार बने। इसके अलावा, घटना के समय उपस्थित अन्य गवाहों ने आरोपी को खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर भागते हुए देखा था। एफएसएल (FSL) रिपोर्ट में भी आरोपी के जूतों, कपड़ों और जब्त की गई कुल्हाड़ी पर मानव रक्त पाए जाने की पुष्टि हुई थी। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के सिर पर फ्रैक्चर था और रीढ़ की हड्डी तक गहरे घाव थे।
सजा की घोषणा होते ही आरोपी हीरासिंह को दोबारा जेल भेज दिया गया।