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हरियाली अमावस्या पर त्रिवेणी वन रोपण अभियान का भव्य शुभारंभ

 भाई-बहन के मगरे पर वट, पीपल और नीम की पहली त्रिवेणी रोपित
 

 

रतलाम, 12 अगस्त(इ खबर टुडे)। हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर शिवगढ़ रोड स्थित भाई-बहन की पहाड़ी पर त्रिवेणी वन रोपण अभियान का भव्य शुभारंभ हुआ। पद्मश्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा शिवगंगा अभियान, झाबुआ के संस्थापक  महेश शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं समाजजनों की उपस्थिति में वट, पीपल और नीम की पहली त्रिवेणी मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजन के साथ रोपित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता पूजन से हुआ। इस अवसर पर निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद जी भारती, अखंड ज्ञान आश्रम के संत स्वामी देवस्वरूपानंद जी महाराज, पद्मश्री महेश शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक तेजराम मांगरोदा, राजू  महाराज एवं समिति के अशोक पाटीदार सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

मनुष्य स्वयं प्रकृति का हिस्सा — पद्मश्री महेश शर्मा

मुख्य अतिथि पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि मनुष्य प्रकृति से अलग नहीं, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा है। प्रकृति का संरक्षण वास्तव में मानव जीवन का संरक्षण है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति आभार और संरक्षण की भावना सदियों से रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता से प्रकृति संरक्षण को व्यापक जनआंदोलन बनाया जा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि एक त्रिवेणी लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक शुभ अवसर को वृक्षारोपण से जोड़ते हुए निरंतर त्रिवेणी रोपित करें।

त्रिवेणी का आध्यात्मिक महत्व

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद जी महाराज ने कहा कि त्रिवेणी का भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में विशेष महत्व है। यहां केवल पौधा लगाने का कार्य नहीं, बल्कि त्रिवेणी वन के निर्माण का संकल्प लिया गया है, जो समाज और प्रकृति दोनों के लिए कल्याणकारी है।

स्वामी देवस्वरूपानंद जी महाराज सहित संतों के आशीर्वचनों से आयोजन को आध्यात्मिक आधार मिला और त्रिवेणी वनम को हरित एवं प्रेरणादायी स्थल के रूप में विकसित करने के संकल्प को नई शक्ति मिली।

अभियान की कार्ययोजना प्रस्तुत

समिति के अशोक पाटीदार द्वारा त्रिवेणी वनम अभियान की आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों, सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिकों को त्रिवेणी रोपण से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

त्रिवेणी से वनम तक

वट, पीपल और नीम का सामूहिक रोपण पर्यावरण संरक्षण, छाया, जैव विविधता एवं पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अभियान में पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण एवं देखभाल पर भी विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्था के जोनल कोऑर्डिनेटर संजय खंडेलवाल ने संस्था की गतिविधियों एवं प्रकृति तथा समाज के प्रति उसके दृष्टिकोण की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रीतेश गादिया ने आभार व्यक्त किया।

अतिथियों का स्वागत

पद्मश्री महेश शर्मा का स्वागत रायसिंह , राजेश कटारिया एवं राकेश मोदी ने किया। स्वामी विशोकानंद जी का स्वागत  जिला संघचालक सुरेंद्र  सुरेका  ने किया। स्वामी देवस्वरूपानंद जी का स्वागत नगर संघचालक राजेश  पटेल ने किया। विभाग संघचालक तेजराम मांगरोदा का स्वागत विम्पी छाबड़ा एवं प्रीतेश गादिया ने किया। राजू जी महाराज का स्वागत सुनीता दीदी छाजेड़ एवं प्रवीण रामावत ने किया। सामूहिक वंदे मातरम् का गायन सोनाक्षी चावड़ा ने किया, ततपश्चात सभी मंचासीन अतिथियों एवं समाजजनों ने त्रिवेणी रोपण में सहभागिता की।

त्रिवेणी वन रोपण बिरसा मुंडा सामाजिक सेवा समिति, रतलाम के तत्वावधान में प्रारंभ यह अभियान “एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम” की संकल्पना के साथ आगे बढ़ेगा। हरियाली अमावस्या पर रोपी गई पहली त्रिवेणी अब एक बड़े संकल्प का प्रतीक है—एक पौधे से त्रिवेणी, त्रिवेणी से वनम और वनम से आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य।