रतलाम / बालिका हत्याकांड का खुलासा: चार नाबालिगों ने की थी दरिंदगी, पुलिस ने लिया अभिरक्षा में
रतलाम, 21 मार्च (इ खबर टुडे)। जिले के सरवन थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में शादी समारोह के दौरान लापता हुई बालिका की हत्या के मामले में रतलाम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पड़ोसी गांव के चार विधि-विरुद्ध बालकों (नाबालिगों) को चिन्हित कर अपनी अभिरक्षा में लिया है। पकड़े गए किशोरों ने सामूहिक रूप से वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना 18 मार्च 2026 की रात की है, जब गांव में एक विवाह कार्यक्रम चल रहा था। मृतिका अपनी सहेली के साथ बाहर निकली थी, तभी आरोपियों ने उसे बहाने से पास के एक खेत में बुला लिया। जब बालिका काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खेत में एक इमली के पेड़ के नीचे बालिका का शव मिला, जिसके गले में दुपट्टा लिपटा हुआ था।
विरोध करने पर दबा दिया गला
पुलिस पूछताछ और जांच में यह वीभत्स सच्चाई सामने आई कि चारों आरोपियों ने बालिका के साथ जबरदस्ती (दुष्कर्म) की। जब बालिका ने विरोध किया और शोर मचाने का प्रयास किया, तो पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने उसका मुंह दबाकर गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने साइबर सेल की मदद और घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
लगी गंभीर धाराएं:
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 103(1), 3(5) के साथ-साथ अब धारा 64 (दुष्कर्म), 70(1) (सामूहिक दुष्कर्म), 87 और 61(2) का इजाफा किया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में एएसपी विवेक कुमार लाल और एसडीओपी सैलाना नीलम बघेल के मार्गदर्शन में निरीक्षक सुरेंद्र सिंह गडरिया (रावटी), पिंकी आकाश (सैलाना), अमित कोरी (साइबर सेल प्रभारी) सहित साइबर सेल और स्थानीय पुलिस बल के जवानों की मुख्य भूमिका रही। एसपी ने पूरी टीम की कार्यप्रणाली की सराहना की है।