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46 डिग्री की तपिश भी नहीं डिगा सकी हौसला: वनवासी अंचलों में गायत्री परिवार ने जलाई ज्ञान की मशाल

 

 

 ​रतलाम,12 मई(इ खबर टुडे)। भीषण गर्मी और झुलसाने वाली धूप के बीच जहाँ जनजीवन थमा हुआ है, वहीं गायत्री परिवार के परिजन अपने आध्यात्मिक मिशन को लेकर सुदूर वनवासी क्षेत्रों की खाक छान रहे हैं। जब पारा 46 डिग्री को छू रहा है, तब गायत्री परिवार के कर्मठ कार्यकर्ता 'शताब्दी संकल्प अनुयाज' के अंतर्गत मजरे, टोलों और फलियों के एक-एक घर तक पैदल पहुँचकर आध्यात्मिक चेतना का संदेश दे रहे हैं।


​गत रविवार को रावटी तहसील के ग्राम खानदन में माताजी जन्मशताब्दी और अखण्ड ज्योति वर्ष के लक्ष्य को समर्पित गायत्री यज्ञों का आयोजन किया गया। वनवासी बहुल इस क्षेत्र में गायत्री परिवार के यज्ञाचार्यों ने घर-घर पहुँचकर यज्ञ संपन्न कराए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वनवासी समाज को आध्यात्मिक रूप से जाग्रत करने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

​जनकल्याण का लिया संकल्प
​यज्ञ के माध्यम से ग्रामीणों को पौधारोपण और प्रकृति संरक्षण, महिलाओं की शिक्षा और सम्मान, गिरते भू-जल स्तर को बचाने हेतु सामूहिक प्रयास और समाज को कुरीतियों और नशामुक्त बनाने का आह्वान सहित निम्न संकल्पों के प्रति जागरूक किया गया। ​इन प्रयासों से संपूर्ण ग्राम में उत्साह का वातावरण देखा गया और वनवासी समाज ने बढ़-चढ़कर कल्याण और उत्थान के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

​इनकी रही मुख्य भूमिका
​अभियान में रोहित शर्मा, श्रीमती हेमा शर्मा, संस्कार शर्मा, मंजुलता श्रीवास्तव, रमाकांत डोडिया, कमलेश मेहता, पवन गौड़, रमेशचंद्र ठन्ना सहित बड़ी संख्या में परिजनों ने सहभागिता की। यज्ञाचार्य के रूप में टीम ने रामचंद्र गामड़, गुला गामड़, अमरु गामड़, रंग माल, मुकेश मईडा, और सुनील कटारा सहित क्षेत्र के दर्जनों परिवारों के यहाँ विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराए।

​"तपती दोपहर में भी गायत्री परिवार के परिजनों का यह समर्पण सराहनीय है। हमारा लक्ष्य हर घर तक ज्ञान की ज्योति पहुँचाना है।"
डॉ. रत्नदीप निगम, मीडिया प्रभारी, गायत्री परिवार