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 देश में बढ़ते हार्ट अटैक और कैंसर पर पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी चिंतित, PM मोदी और CM यादव को लिखा पत्र

 

 

​रतलाम, 02 जुलाई (इ खबर टुडे)। देश में कोरोना काल के बाद हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामलों में अचानक हुई चिंताजनक वृद्धि को लेकर पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने गहरा सरोकार व्यक्त किया है। श्री कोठारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इस दिशा में तुरंत ठोस कदम उठाने और आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने की मांग की है।

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में श्री कोठारी ने ध्यान आकर्षित किया कि कोरोना महामारी के बाद से देशभर में मधुमेह, ब्लड प्रेशर और थायराइड के मरीजों के साथ-साथ हार्ट अटैक और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इन बीमारियों के पीछे कोरोना के दीर्घकालिक प्रभाव, बदलती जीवनशैली या खाद्य पदार्थों में केमिकल का असर जैसे कारण बताए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए, जो इन कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कर सरकार को रिपोर्ट सौंपे ताकि प्रभावी रोकथाम नीतियां बनाई जा सकें।

दवा कंपनियों की मनमानी पर लगे अंकुश
​श्री कोठारी ने पत्र में दवा कंपनियों द्वारा जीवनरक्षक दवाइयों के दामों में की जा रही मनमानी वृद्धि पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इलाज और जांचें आम नागरिक की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं, जिससे मरीज के परिजनों पर भारी आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने आवश्यक दवाइयों के मूल्य निर्धारण और नियंत्रण के लिए एक सशक्त 'मूल्य नियंत्रण बोर्ड' के गठन की मांग की है।

​आयुष्मान योजना में मध्यम वर्ग को मिले जगह, 10 लाख रुपये तक की आय वाले हों शामिल
​गरीबों के लिए आयुष्मान भारत योजना को अत्यंत लाभकारी बताते हुए पूर्व गृह मंत्री ने इसके विस्तार की वकालत की। उन्होंने आग्रह किया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से कम है, उन्हें भी आयुष्मान योजना में शामिल कर कार्ड जारी किए जाएं। गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज को देखते हुए योजना के तहत मिलने वाली उपचार सहायता राशि को बढ़ाया जाए।

​मध्य प्रदेश सरकार भी दे बराबर की अतिरिक्त राशि
​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग करते हुए श्री कोठारी ने कहा कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा इलाज के लिए जितनी सहायता राशि दी जाती है, उतनी ही अतिरिक्त राशि मध्य प्रदेश सरकार भी अपनी ओर से प्रदान करे। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज के दौरान लगने वाली आवश्यक दवाइयां भी सरकार द्वारा ही उपलब्ध कराई जाएं।

​श्री कोठारी ने विश्वास जताया कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें इस संवेदनशील विषय पर दूरदर्शी निर्णय लेती हैं, तो देश और प्रदेश के करोड़ों निम्न व मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।