शव को ओपन रिक्शा लोडिंग में ले जाने की मजबूरी, प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल
रतलाम,16सितंबर(इ खबर टुडे)। शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधी नगर में बुधवार को एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के बाद व्यवस्थाओं की संवेदनहीनता उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजने हेतु एंबुलेंस या शव वाहन के बजाय एक ओपन ऑटो लोडिंग रिक्शा मंगवाना पड़ा। खुले रिक्शे में शव ले जाने के इस दृश्य ने पुलिस प्रशासन, जिला अस्पताल और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांधी नगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के समीप रहने वाले युवक की अकारण मृत्यु के बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाने की प्रक्रिया शुरू की। नियम अनुसार, किसी भी आकस्मिक दुर्घटना या आत्महत्या के मामले में पुलिस की सूचना पर जिला अस्पताल या नगर निगम द्वारा शव वाहन का प्रबंध किया जाता है, ताकि परिजनों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। वर्तमान में जिला अस्पताल के पास दो और नगर निगम के पास एक—कुल तीन शव वाहन उपलब्ध हैं।
इसके बावजूद मौके पर शव वाहन की जगह एक ओपन लोडिंग रिक्शा पहुंचा। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस जवान ने लोडिंग रिक्शा में गद्दी बिछवाई और पड़ोसियों की मदद से शव को मेडिकल कॉलेज भिजवाया।
तीन-तीन शव वाहन उपलब्ध होने के बाद भी एक मृतक के शव को खुले लोडिंग वाहन में ले जाने की इस लाचारी ने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। स्थानीय नागरिकों में भी इस असंवेदनशील व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।