सांवरिया वाटर प्लांट पर खाद्य सुरक्षा और पीएचई विभाग की संयुक्त कार्रवाई, पानी के सैंपल भोपाल भेजे
रतलाम, 6 जून(इ खबर टुडे)। मिलावटखोरी और असुरक्षित पेयजल की शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ावदा स्थित 'सांवरिया वाटर प्लांट' पर औचक निरीक्षण की कार्रवाई की।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति बघेल एवं पीएचई विभाग के एसडीओ इरफान अली के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पूरे प्लांट का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान टीम ने प्लांट से पानी के नमूने (सैंपल्स) लिए।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान के पास खाद्य पंजीयन (Food Registration) तो पाया गया, लेकिन पानी की शुद्धता की पुख्ता जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत पानी के सैंपल लिए गए हैं। इन नमूनों को गुणवत्ता और मानक स्तर की सटीक जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
साफ-सफाई और नियमों के पालन के सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्लांट संचालक को परिसर में कड़ाई से साफ-सफाई बनाए रखने की हिदायत दी। साथ ही निर्देशित किया कि खाद्य पंजीयन प्रमाण-पत्र को प्लांट के किसी ऐसे मुख्य स्थान पर प्रदर्शित (Display) करें, जहां आने-जाने वाले लोगों को वह आसानी से दिखाई दे सके।
अधिकारियों का कहना है कि "आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की संयुक्त कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।"