{"vars":{"id": "115716:4925"}}

रतलाम / रात में पुजारी के मकान का दरवाजा तोड़कर जानलेवा हमला करने वाले 5 आरोपियों को 7-7 साल की सजा

​कोर्ट ने लगाया अर्थदंड, जमानत पर बाहर आरोपियों को भेजा गया जेल
 
​पुत्री से जबरन विवाह में असफल रहने पर रंजिश में वारदात को दिया था अंजाम

 

 

रतलाम,22 अगस्त(इ खबर टुडे)। कबीर साहब मंदिर परिसर स्थित पुजारी के मकान का दरवाजा तोड़कर जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की कोर्ट ने पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की राशि में से 15 हजार रुपये फरियादी पुजारी को देने का आदेश भी दिया गया है।

​अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि घटना 30 जनवरी 2024 की देर रात (लगभग 12:45 बजे) की है। पीड़ित फरियादी पिछले 30 वर्षों से कबीर साहब मंदिर में पुजारी का कार्य कर रहे हैं। मुख्य आरोपी भय्यू उर्फ यश देशमुख पुजारी की 18 वर्षीय पुत्री को भगाने और जबरन विवाह करने का प्रयास कर रहा था। परिजनों ने पुत्री को सुरक्षा के लिहाज से ग्वालियर भेज दिया था। इसी रंजिश में आरोपी भय्यू अपने साथियों के साथ हथियार लेकर पुजारी के घर में दरवाजा तोड़कर घुस गया और उन पर चाकू से प्राणघातक हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए पुत्र, पत्नी और माता के साथ भी मारपीट की गई।

​इन आरोपियों को मिली सजा
​भय्यू उर्फ यश (25) निवासी भण्डारी गली, थावरिया बाजार, रतलाम, ​रेहान उर्फ बाल (21) निवासी जूनी कलालसेरी, रतलाम, ​ईशु उर्फ इस्सु उर्फ ऋषि (25) निवासी सुदामा परिसर, रतलाम, ​पंकज उर्फ चिंकु (22) निवासी बजरंग नगर, रतलाम, ​पंकज उर्फ उदय (25) निवासी दिलीप नगर, रतलाम को सजा मिली।

​(मामले का एक अन्य आरोपी हर्ष उर्फ कटोरा की बदनावर में सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, जबकि एक नाबालिग आरोपी का चालान बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।)

​जांच और पहचान से कसा शिकंजा
घटना के बाद थाना स्टेशन रोड पर अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भय्यू और रेहान को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। विचारण के दौरान फरियादी और उनकी पत्नी ने अदालत में आरोपियों की स्पष्ट पहचान की।

​मुख्य आरोपी भय्यू उर्फ यश को हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली थी, जिससे वह 1 फरवरी 2024 से जेल में ही था। सजा सुनाए जाने के बाद जमानत पर चल रहे शेष आरोपियों को भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। वही आरोपी रेहान एक अन्य आपराधिक मामले में बड़वानी जेल में निरुद्ध है।