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 नेशनल लोक अदालत: 5 साल बाद एक हुआ परिवार, वृद्ध दंपत्ति को मिला 32 लाख का मुआवजा

 


रतलाम, 12 सितंबर(इ खबर टुडे)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत न केवल न्यायालयीन मुकदमों के निराकरण का माध्यम बनी, बल्कि इसने बिखरते परिवारों को जोड़ने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में भी ऐतिहासिक सफलता हासिल की।

वर्ष 2017 में परिणय सूत्र में बंधे एक दंपत्ति पारिवारिक मतभेदों के चलते पिछले 5 वर्षों से अलग रह रहे थे। वर्ष 2022 में पत्नी द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया था। न्यायाधीश श्रीमती सपना शर्मा की संवेदनशील पहल, लगातार काउंसलिंग और सकारात्मक संवाद के प्रयासों से दंपत्ति अपने मतभेद भूलकर साथ रहने को सहमत हुए। लोक अदालत परिसर में दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर नए जीवन की शुरुआत की। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दंपत्ति को नए सफर के लिए शुभकामनाएं देकर विदा किया।

​वरिष्ठ नागरिकों को मिला 32 लाख का मुआवजा
एक अन्य प्रमुख मामले में, सप्तम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (न्यायाधीश राजेश नामदेव) में 3 वर्ष पुराने क्लेम केस का राजीनामे के जरिए समाधान हुआ। अपने पुत्र को खो चुके बुजुर्ग माता-पिता को बीमा कंपनी की ओर से 32 लाख रुपये का प्रतिकर मंजूर किया गया।

​लोक अदालत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपसी संवाद और समझौते से न केवल समय और पैसे की बचत होती है, बल्कि समाज में सौहार्द और संतोष भी कायम रहता है।