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 रतलाम / बर्बरता की शिकायत लेकर SP दफ्तर पहुंचे पीड़ित के परिजन

 दीनदयाल नगर पुलिस पर सुनवाई न करने और भगाने के गंभीर आरोप, जनसुनवाई में की सख्त कार्रवाई की मांग
 

 

रतलाम,15 सितंबर (इ खबर टुडे)। शहर के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम सागोद निवासी पीड़ित युवक के परिजनों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय रतलाम पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में परिजनों ने 6 सितंबर की रात हुई अमानवीय बर्बरता का खुलासा करते हुए स्थानीय पुलिस पर केस दर्ज न करने, इलाज में देरी कराने तथा फरियादी को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर भगाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

​प्राप्त जानकारी अनुसार, फरियादी सुनील (पिता नानूराम दगडीया), निवासी ग्राम सागोद, मजदूरी का काम करता है। नौ दिन पूर्व 6 सितंबर की रात लगभग 10:30 बजे आरोपी कालू उर्फ महेन्द्रसिंह राजपूत की टापरी पर काम के सिलसिले में एक साथ होने के दौरान विवाद हुआ।

​शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी कालू उर्फ महेन्द्रसिंह राजपूत, युवराजसिंह राजपूत एवं बग्गा उर्फ किशन पारगी ने उसके साथ अत्यधिक क्रूरता और अप्राकृतिक कृत्य (बर्बरता) किया। आरोपियों ने पीड़ित के साथ मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं और उसके शरीर में लकड़ी/डंडा डाल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

​पुलिस पर लगा सुनवाई न करने और भगाने का आरोप
​जनसुनवाई में परिजनों ने बताया कि घटना वाली रात (6 सितंबर) ही लगभग 10:30 बजे वे लहूलुहान हालत में पीड़ित को लेकर दीनदयाल नगर थाने पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि थाने पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने फरियादी की कोई सुनवाई नहीं की, न ही मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उल्टा शराब के झूठे केस में जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें थाने से भगा दिया।

​इसके बाद, उपचार के अभाव में रातभर तड़पने के बाद परिजनों ने सुनील को जिला अस्पताल रतलाम में भर्ती कराया। अस्पताल में स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों को ऑपरेशन कर पीड़ित के शरीर के अंदर फंसा बांस की लकड़ी का टुकड़ा निकालना पड़ा।

​जिला अस्पताल द्वारा पुलिस को दी गई सूचना और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दो दिन बाद 8 सितंबर की रात दीनदयाल नगर थाने में आरोपियों के विरुद्ध अश्लील हरकत, आपराधिक धमकी सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

​परिजनों की मांगें
​एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिजनों ने ज्ञापन सौंपकर मांगें रखी हैं कि घटना की विभत्सता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ गंभीर और कड़ी धाराओं (जैसे अप्राकृतिक कृत्य / गंभीर चोट) के तहत कार्रवाई की जाए। आरोपियों (कालू सिंह, युवराज सिंह, बग्गा पारगी) की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाए। 6 सितंबर की रात ड्यूटी पर मौजूद जिन पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को थाने से भगाया और इलाज में देरी करवाई, उन पर विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।