पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों का फूटा गुस्सा, माणकचौक थाने का घेराव (देखिए वीडियो)
रतलाम, 21 अप्रैल (इ खबर टुडे)। करमदी तालाब में दो युवकों के शव मिलने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज परिजनों ने समाजजनों और क्षेत्रवासियों के साथ मंगलवार को शहर के माणकचौक थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे से ज्यादा तक चले इस धरने के दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पांच दिन पूर्व ग्रामीणों ने चोरी के संदेह में प्रकाश नामक एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इसी दौरान उसके दो अन्य साथी, मुन्ना और शंकर, मौके से फरार हो गए थे। परिजनों का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद इन दोनों युवकों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में करमदी तालाब से बरामद हुए।
परिजनों के गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे परिजनों और रहवासियों का दावा है कि यह डूबने का सामान्य मामला नहीं, बल्कि नियोजित हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुन्ना और शंकर के साथ मारपीट की गई और फिर उनकी हत्या कर शव तालाब में फेंक दिए गए। मृतकों के शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे निशान मिले हैं। पुलिस इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है।
थाने के बाहर बिलख उठीं महिलाएं
चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में महिलाएं और मृतक के परिजन थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान मृतक युवकों की मां और बहने आक्रोशित होकर जोर-जोर सेे रोने लगी।
चिलचिलाती धूप में प्रदर्शन, सीएसपी ने दिया आश्वासन
आक्रोश इस कदर था कि परिजन और महिलाएं चिलचिलाती धूप में करीब एक घंटे तक थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। स्थिति को बिगड़ता देख नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सत्येंद्र घनघोरिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारी के भरोसे के बाद ही धरना समाप्त हुआ।