'ड्रीम वर्ल्ड' बना डेंजर जोन: रतलाम में हादसे को दावत दे रहा मेला, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
रतलाम,10 मई (इ खबर टुडे)। शहर के 80 फीट रोड पर सजे 'ड्रीम वर्ल्ड' मेले में इन दिनों मासूमों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। आयोजकों की घोर लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी ने इस मनोरंजन स्थल को 'खतरे की घंटी' में तब्दील कर दिया है। रविवार की छुट्टी के दौरान यहाँ उमड़ी भारी भीड़ ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है।
मेले में प्रवेश और निकास के लिए लकड़ी का जो अस्थायी ढांचा (ब्रिज) बनाया गया है, वह तकनीकी रूप से बेहद असुरक्षित है। संकरा रास्ता और खड़ी सीढ़ियाँ किसी भी समय भगदड़ का कारण बन सकती हैं। बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए यह चढ़ाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। मेले में क्षमता से अधिक भीड़ और निकास के पुख्ता इंतजाम न होने से स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
मौत का तार और नदारद फायर सेफ्टी
मेले के भीतर झूलों और दुकानों के पास बिजली के नंगे तार जमीन पर खुले फैले हुए हैं, जो सीधे तौर पर करंट को निमंत्रण दे रहे हैं। वहीं, आगजनी जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आयोजन स्थल पर 'फायर हाइड्रेंट' या 'अग्निशमन यंत्र' न के बराबर हैं। किसी भी आपात स्थिति में यहाँ से सुरक्षित निकलना लगभग नामुमकिन है।
आयोजकों की मनमानी, प्रशासन का मौन
नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे इस मेले में सुरक्षा मापदंडों का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया है। आयोजकों के पास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। आपातकालीन निकासी के लिए कोई अलग से पुख्ता रास्ता नहीं बनाया गया है। क्या झूलों और बिजली फिटिंग का विधिवत सेफ्टी ऑडिट किया गया है?
बड़ा सवाल
क्या रतलाम जिला प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो खुशियों का यह मेला मातम में बदल सकता है।
मेला आयोजक अक्षत पालीवाल का कहना है की एग्जिट के तीन गेट बने हुए है। अंदर भी सभी जगह 17 फ़ीट खुला रोड बना बना हुआ है। सेफ्टी के सारे फीचर उपलब्ध है। रतलाम में मेला करीब 16 साल से लगाता आ रहा हु।