{"vars":{"id": "115716:4925"}}

सी.एम. हेल्पलाइन व राजस्व शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और सावधानीपूर्वक करें निराकरण: कलेक्टर श्री कटेसरिया

एकपक्षीय कार्रवाई से बचें, अभिलेखीय व मैदानी जांच के बाद ही हो निराकरण
 
तृतीय पक्ष को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य, केवल पटवारी रिपोर्ट पर नहीं बंद होगी शिकायत

 

रतलाम,07सितंबर(इ खबर टुडे)। सी.एम. हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त राजस्व संबंधी शिकायतों के निराकरण को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रकरणों के निराकरण से किसी अन्य व्यक्ति अथवा तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) के अधिकार, हित, स्वामित्व, कब्जे या भूमि की सीमाएं प्रभावित होने की संभावना हो, वहां विशेष सावधानी बरती जाए। किसी भी स्थिति में केवल शिकायतकर्ता के कथन या एकपक्षीय प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई न की जाए।

​कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा, अवैध कब्जा, रास्ता विवाद, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और सीमांकन जैसे मामलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए प्रभावित पक्ष को सुनवाई का उचित अवसर देना अनिवार्य होगा।

​कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार यदि प्रारंभिक जांच में किसी तृतीय पक्ष का विधिक या तथ्यात्मक विवाद दिखता है, तो मामला केवल पटवारी या राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट पर बंद नहीं होगा। सक्षम राजस्व अधिकारी खसरा, नक्शा, पूर्व आदेशों का परीक्षण करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर खुद भी स्थलीय निरीक्षण करेंगे। जिस मामले में तृतीय पक्ष के हित प्रभावित हो रहे हों, उसे यथोचित सूचना देकर पक्ष रखने का मौका दिया जाए।

यदि शिकायत में तथ्य पाए जाते हैं, तो म.प्र. भू-राजस्व संहिता, 1959 के तहत नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जाए। तथ्यहीन शिकायतों को कारणयुक्त स्पष्ट आदेश पारित कर समाप्त किया जाए। यदि मामला पहले से सक्षम न्यायालय, कमिश्नर या सिविल कोर्ट में विचाराधीन है अथवा पूर्व में आदेश पारित हो चुका है, तो आवेदक को उपलब्ध वैधानिक उपचार का स्पष्ट उल्लेख करते हुए शिकायत का निराकरण करें। यदि नई शिकायत पूर्व में पारित किसी आदेश का पालन न होने को लेकर है, तो उसे 'रिपीट शिकायत' मानकर बंद न किया जाए। अधिकारी जांच करें कि पालन हुआ है या नहीं, और अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

​कलेक्टर श्री कटेसरिया ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सी.एम. हेल्पलाइन और राजस्व शिकायतों का निराकरण निष्पक्षता, पारदर्शिता और विधिक प्रावधानों के अनुरूप तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित करें।