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राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु जिले में प्रभावी व्यवस्था लागू

 
रतलाम  02 मार्च (इ खबर टुडे ) । मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिले में कार्यरत तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के मध्य न्यायिक एवं गैर-न्यायिक (कार्यपालिक मजिस्ट्रेट) कार्यों का विभाजन किया गया है, जिससे राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई जा सके।

                
उक्त निर्देशों के पालन में जिले के कुल 19 राजस्व न्यायालयों में राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु प्रत्येक कार्य दिवस प्रातः 10:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक न्यायालय संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक राजस्व न्यायालय में पीठासीन अधिकारी एवं प्रवाचक का नाम एवं मोबाइल नंबर सूचना पटल पर अंकित कराया गया है। 

प्रतिदिन सुनवाई हेतु निर्धारित प्रकरणों की सूची सूचना पटल पर प्रदर्शित की जा रही है एवं नियमित रूप से विज्ञप्तियों का प्रकाशन किया जा रहा है। राजस्व अधिकारी के अवकाश अथवा आकस्मिक कार्य की स्थिति में इसकी जानकारी भी सूचना पटल पर प्रदर्शित की जाती है। बार एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में डिजिटल वाद सूची भेजने की व्यवस्था की गई है। 

अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, जिला रतलाम के निर्देशन में राजस्व न्यायालयों की निगरानी हेतु जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां से पीठासीन अधिकारियों से निराकृत प्रकरणों की नियमित जानकारी प्राप्त की जाती है, जिसमें अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा एवं अन्य विविध प्रकरण सम्मिलित हैं। टप्पा कार्यालयों में भी न्यायालयीन कार्य निरंतर एवं निर्वाध रूप से संचालित किए जा रहे हैं।


पीठासीन अधिकारियों को अन्य राजस्व कार्यों से मुक्त रखा गया है, जिससे न्यायालयीन कार्य प्रभावित न हो। इस प्रकार जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।