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 गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन न होने पर गाज: रतलाम सहित तीन जिलों के BMO पर विभागीय जांच, DPM का कटेगा एक माह का वेतन

 अनमोल पोर्टल पर काम में ढिलाई पर संभागायुक्त आशीष सिंह सख्त; रतलाम के बाजना, बिलपांक और सैलाना विकासखंड की स्थिति बेहद खराब
 

 

रतलाम / उज्जैन, 23 सितम्बर (इ खबर टुडे)। अनमोल पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन समय पर न करने और शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने पर संभागायुक्त आशीष सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है। संभागायुक्त ने रतलाम, उज्जैन और आगर मालवा जिले के संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) के विरुद्ध डिपार्टमेंटल इंक्वायरी (DE) के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही तीनों जिलों के जिला प्रोग्राम मैनेजर (DPM) का एक-एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई उज्जैन में आयोजित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान की गई।

बैठक में संभागवार समीक्षा के दौरान सामने आया कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में रतलाम, आगर और उज्जैन जिले काफी पिछड़े हुए हैं। इनमें भी रतलाम जिले के बाजना, बिलपांक और सैलाना विकासखंडों की स्थिति बेहद खराब पाई गई। संभागायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि "अभी तो केवल ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।"

रतलाम जिले के लिए संभागायुक्त के प्रमुख निर्देश
संभागायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों से यह लिखित प्रमाणीकरण लिया जाए कि उनके क्षेत्र में कोई भी गर्भवती महिला पंजीयन से छूटी नहीं है। हाई रिस्क श्रेणी की गर्भवती महिलाओं की जांच और प्रसव प्रतिशत में सुधार लाने तथा प्रसव की संभावित तिथि से कम से कम 3 दिन पहले ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए। रतलाम जिले में हाइपरटेंशन और डायबिटीज मरीजों का फॉलोअप कम पाए जाने पर इसमें तेजी लाने को कहा गया है। रतलाम जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से पोषण किट वितरित करने और अति कुपोषित (SAM/MAM) बच्चों का सही उपचार सुनिश्चित करने हेतु एनआरसी (NRC) के सभी बेड फुल रखने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग को दिए गए हैं।

फर्जी डेटा फीडिंग पर मिलेगी सख्त सजा
संभागायुक्त ने अनमोल पोर्टल पर डिलीवरी प्रकरणों के सही समय पर अपडेट न होने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि पोर्टल पर फीड किया जाने वाला डेटा पूरी तरह शुद्ध और रियल-टाइम होना चाहिए। डेटा में किसी भी प्रकार का हेरफेर या गलत प्रविष्टि पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा बैठक में सीनियर सिटीजन्स के लिए 'वय वंदना योजना' के तहत शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने और टीबी मरीजों की नियमित स्क्रीनिंग कर उपचार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।