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 ​'चंद्रशेखर आजाद एक्सप्रेस' ट्रेन चलाने की मांग: जन्मभूमि, कर्मभूमि और बलिदान भूमि को सीधे जोड़ने की पहल

 ​पीएम, रेल मंत्री और दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत जनप्रतिनिधियों को भेजे स्पीड पोस्ट
 

 

​रतलाम, 28जुलाई(इ खबर टुडे)। महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की यादों को सहेजने और देश के युवाओं को उनके प्रेरणादायी इतिहास से जोड़ने के उद्देश्य से 'चंद्रशेखर आजाद एक्सप्रेस' ट्रेन शुरू करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई है। भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष राजेश देवशरण पाण्डेय ने इस संबंध में देश व प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व एवं जनप्रतिनिधियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र भेजा है।

​राजेश देवशरण पाण्डेय ने यह मांग पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप, सांसदगण—श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, अनिल फिरोजिया, रोडमल नागर, महेंद्र सिंह सोलंकी, अनुराग शर्मा, डॉ. श्रीमती लता वानखेड़े, श्रीमती कृष्णा पटेल, अजेंद्र सिंह लोधी, उज्जवल रमण सिंह सहित पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (GM), मंडल रेल प्रबंधक (DRM रतलाम) और भाजपा जिलाध्यक्ष रतलाम को प्रेषित किया है।

​जन्मभूमि से बलिदान भूमि का होगा सीधा संपर्क
​पत्र में उल्लेख किया गया है कि अमर बलिदानी चंद्रशेखर आजाद की जन्मभूमि 'चंद्रशेखर आजाद नगर' (भाबरा, जिला अलीराजपुर) रतलाम संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसके समीपस्थ रेलवे स्टेशन मेघनगर और रतलाम हैं। वहीं उनकी कर्मभूमि बुंदेलखंड (झांसी व ओरछा) रही तथा अल्फ्रेड पार्क (प्रयागराज) उनकी बलिदान भूमि है। इस विशेष ट्रेन के चलने से देशवासी आसानी से इन तीनों ऐतिहासिक व पावन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।

​1100 किलोमीटर का प्रस्तावित मार्ग
​मांग पत्र के अनुसार, प्रस्तावित 'चंद्रशेखर आजाद एक्सप्रेस' ट्रेन का प्रारंभिक स्टेशन मेघनगर और अंतिम स्टेशन प्रयागराज रखा गया है। जिसका ​प्रस्तावित रूट मेघनगर ➔ रतलाम ➔ नागदा ➔ उज्जैन ➔ मक्सी ➔ शाजापुर ➔ सारंगपुर ➔ ब्यावरा-राजगढ़ ➔ गुना ➔ अशोकनगर ➔ बीना ➔ ललितपुर ➔ वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी ➔ ओरछा ➔ मऊरानीपुर ➔ हरपालपुर ➔ महोबा ➔ बांदा ➔ चित्रकूट धाम कर्वी ➔ मानिकपुर ➔ नैनी ➔होती हुई प्रयागराज जंक्शन पहुंचे।

​लगभग 1100 किलोमीटर लंबे इस पूरे मार्ग पर वर्तमान में रतलाम से प्रयागराज के लिए कोई सीधी ट्रेन सुविधा नहीं है। इस ट्रेन के परिचालन से न केवल आम यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि महान क्रांतिकारी आजाद जी की स्मृतियां भी आने वाली पीढ़ियों के मन में हमेशा तरोताजा रहेंगी।