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गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, रतलाम में सर्वसमाज ने किया उपवास

 
 

​रतलाम, 08जून (इ खबर टुडे)। भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार ‘गोवंश’ को संरक्षण देने के लिए रतलाम में एक अनूठी पहल की गई है। यहाँ सर्वसमाज के साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय और क्रिश्चयन समुदाय के लोग रतलाम के बैनर तले विभिन्न संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने गाय को भारत का "राष्ट्रीय पशु" घोषित करने की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया। इस संबंध में सर्वसमाज द्वारा देश के प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी तैयार किया गया है।

​सर्वसमाज द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्राचीन काल से ही भारतीय समाज में गाय को पूजनीय माना गया है। देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था गाय से जुड़ी हुई है। वर्तमान समय में गोवंश का संरक्षण और संवर्धन बेहद आवश्यक हो चुका है, जिसके लिए देश भर में व्यापक जनभावनाएं हैं। यदि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाता है, तो गोवंश संरक्षण को संवैधानिक और राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।
​सर्वसमाज के सभी वर्गों का मिला समर्थन

​इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें समाज के सभी वर्गों, पार्षदों, किसान नेताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाई। उपवास कार्यक्रम के दौरान अपनी उपस्थिति और समर्थन दर्ज कराने वालों में प्रमुख रूप से ​शैलेंद्र मेड़ता, विशाल कडोरे, तेजपाल शर्मा (ASP), प्रेम कुमार जीमी (ASP), लालू भाई स्टीफन, ​शहर काजी (अहमद अली), सोहेल काजी, इस्लोमिया हिंद कमेटी से इकरा मुल्त व इकरार चौधरी, ​विजय रायकवार (ASP), हितेश पेमाल (पार्षद), अमित भूतात (जैन), सलीम  बागवान (पार्षद), अशोक जैन (लाला), ​कारूलाल परमार (ASP), किसान नेता समरथ पाटीदार, सतीश कोरी (पूर्व जिला/पूर्व निगम अध्यक्ष), ​राजेश दवे (पूर्व पार्षद), आशा-राजीव रावत (पार्षद) और शैलेंद्र सिंह राठौर (समस्त राजपूत परिवार) सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल रहे।

​सर्वसमाज रतलाम ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार देश की इस गहरी जनभावना का सम्मान करते हुए इस विषय पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगी।