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कालिका माता मंदिर में सुलभ दर्शन और सेवादारों के सम्मानजनक व्यवहार की मांग; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 

रतलाम, 03 अक्टूबर(इ खबर टुडे)।  प्रसिद्ध श्री कालिका माता मंदिर में आगामी नवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुलभ दर्शन व्यवस्था एवं भक्तों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व छात्र नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता गुंजन शर्मा तथा जयेश राठौर ने जिला कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया को एक मांग पत्र सौंपा। पत्र के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने का अनुरोध किया है।

सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रतिवर्ष नवरात्रि पर्व के दौरान माता जी के मंदिर में शहर सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन, पूजा-अर्चना एवं आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं। किंतु बीते वर्षों में अनेक श्रद्धालुओं ने यह शिकायत और अनुभव व्यक्त किया है कि दर्शन व्यवस्था के दौरान मंदिर समिति के कुछ सदस्यों अथवा सेवादारों द्वारा भक्तों के साथ उचित एवं सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। ऐसी परिस्थितियों के कारण दूर-दूर से आस्था लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

माँ कालिका के अनन्य भक्तों की ओर से प्रशासन से मांग की गई है कि इस वर्ष नवरात्रि में मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर से मुख्य रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया है:

सुगम एवं सुरक्षित कतार व्यवस्था: भीड़ नियंत्रण के लिए परिसर में पर्याप्त और व्यवस्थित कतार प्रणाली लागू की जाए।

विशेष सुविधाएं: बुजुर्गों, महिलाओं एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग व सुविधाजनक दर्शन मार्ग तथा आवश्यक प्रबंध किए जाएं।

दुर्व्यवहार पर रोक: श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या दुर्व्यवहार को सख्ती से रोका जाए।

प्रशासनिक निगरानी: व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती की जाए।

सेवादारों को दिशा-निर्देश: मंदिर समिति के सदस्यों और सेवादारों को श्रद्धालुओं के प्रति सेवा, विनम्रता एवं सम्मान की भावना से कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।

जयेश राठौर एवं गुंजन शर्मा ने कहा कि माता के दरबार में आने वाला प्रत्येक भक्त अपार श्रद्धा और विश्वास लेकर आता है। ऐसे में यह प्रशासन का दायित्व है कि सभी श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में बिना किसी असुविधा या दुर्व्यवहार के माँ के दर्शन का अवसर प्राप्त हो।