खाद्य मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर देशभर में सख्ती, रतलाम में भी बढ़ी सतर्कता
- डा. रत्नदीप पैठणकर
रतलाम,11 जून (इ खबर टुडे)। देशभर में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच रतलाम में भी खाद्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। विभिन्न राज्यों में हाल ही में बड़ी मात्रा में मिलावटी एवं निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की जब्ती के बाद स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने भी उपभोक्ताओं को जागरूक रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार त्योहारों, शादी-विवाह के मौसम और गर्मी के दौरान दूध, मावा, मिठाई, मसाले, तेल एवं पेय पदार्थों में मिलावट की शिकायतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित रूप से नमूने लेकर उनकी जांच की जाती है ताकि आम जनता तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंच सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट संबंधी समस्याएं, फूड पॉइजनिंग, एलर्जी और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को केवल विश्वसनीय दुकानों से खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए तथा उत्पादों की पैकिंग, निर्माण तिथि और एफएसएसएआई लाइसेंस की जांच अवश्य करनी चाहिए।
रतलाम, जो अपने पारंपरिक नमकीन और खाद्य उत्पादों के लिए देशभर में पहचान रखता है, वहां खाद्य गुणवत्ता बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय व्यापारियों और उपभोक्ताओं के सहयोग से ही खाद्य मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो तो इसकी सूचना संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।