मालीकुआं चाकूबाजी मामला: अदालत ने भोला पाटीदार समेत तीन आरोपियों को सुनाई 2-2 साल की सजा
रतलाम, 29 सितम्बर (इ खबर टुडे)। शहर के चर्चित मालीकुआं चाकूबाजी और जानलेवा हमला मामले में न्यायालय सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी भोला उर्फ मोनू पाटीदार (29) निवासी पैलेस रोड रतलाम (मूल निवासी ग्राम मुंदड़ा, देपालपुर), हितेश उर्फ भय्यु उर्फ कालिया (34) निवासी राजीव नगर और विष्णु उर्फ काला (22) निवासी सिलावटों का वास रतलाम को दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मामला 16 दिसंबर 2024 की शाम का है। फरियादी अजय पाटीदार (निवासी कुआंझागर) लोकेंद्र नाथ मंदिर में दूध बांटकर लौट रहा था। रास्ते में आरोपी भोला पाटीदार का नाबालिग भांजा नशे की हालत में सड़क के बीच मोबाइल चला रहा था। अजय द्वारा हॉर्न बजाने और साइड हटने को कहने पर वह गाली-गलौज करने लगा और अपने मामा भोला को फोन लगाकर बुला लिया।
जैसे ही अजय मालीकुआं देवरे के पास पहुंचा, वहां कार से पहुंचे भोला पाटीदार और उसके नाबालिग भांजे ने जान से मारने की नीयत से उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे अजय के दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई। बीच-बचाव करने आए अन्य दूध विक्रेताओं विकास गुर्जर, राहुल जाट, अमन माली और राकेश जाट के साथ भी आरोपियों व उनके अन्य दो साथियों (हितेश व विष्णु) ने गाली-गलौज और लात-घूसों से मारपीट की। आरोपियों ने चाकू से वार किए, जिससे बचाव करने आए युवाओं के कपड़े (जरकिन) फट गए। भीड़ इकट्ठा होते देख सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
घटना के बाद घायल अजय को जिला चिकित्सालय ले जाया गया और माणक चौक थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खून से सने कपड़े, घटनास्थल से साक्ष्य और अपराध में प्रयुक्त कार, चाकू व खंजर जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
अन्य मामलों में पहले से जेल में हैं आरोपी
शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, आरोपी भोला पाटीदार और विष्णु उर्फ काला अन्य आपराधिक प्रकरणों में पहले से ही जेल में बंद हैं। वहीं, घटना में शामिल भोला का भांजा नाबालिग होने के कारण उसका मामला पृथक से बाल न्यायालय में विचाराधीन है।