80 फीट रोड मेला: पार्षद के तेवर के बाद जागा निगम, नोटिस की मियाद खत्म होने पर भी कार्रवाई बेअसर!
रतलाम, 16मई (इ खबर टुडे)। शहर के 80 फीट रोड पर एक निजी भूखंड पर बिना अनुमति और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के धड़ल्ले से चल रहे सार्वजनिक मेले को लेकर नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। वार्ड क्रमांक-9 की क्षेत्रीय पार्षद निशा पवन सोमानी द्वारा मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आयुक्त को पत्र सौंपने के बाद निगम अमला हरकत में तो आया, लेकिन नोटिस की समय-सीमा बीत जाने के बाद भी अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।
दरअसल, इस मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग, विशेषकर बच्चे और महिलाएं पहुंच रहे हैं। यहां खतरनाक इलेक्ट्रिकल झूले, दुकानें और बच्चों के गेम्स जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। लगातार मिल रही शिकायतों और पार्षद के पत्र के बाद निगम के राजस्व अधिकारी राजेंद्र सिंह पंवार ने मेला संचालक को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा था। 11 मई को जारी हुए इस नोटिस की अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन मेला संचालक की ओर से न तो कोई जवाब आया है और न ही निगम ने आगे की कोई सख्त कार्रवाई की है।
इन 5 गंभीर बिंदुओं पर मांगा गया था स्पष्टीकरण
नगर निगम ने मेला संचालक को थमाए नोटिस में कई ऐसे बिंदुओं पर जवाब तलब किया था, जो सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा से जुड़े हैं।
इलेक्ट्रिकल ऑडिट: क्या खतरनाक और बड़े इलेक्ट्रिकल झूलों की इलेक्ट्रिकल ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध है?
अग्नि सुरक्षा: आगजनी से निपटने के लिए क्या इंतजाम हैं और इसकी फायर ऑडिट रिपोर्ट कहां है?
राजस्व: मनोरंजन कर जमा करने की वर्तमान स्थिति क्या है?
स्वच्छता: मेले से निकलने वाले भारी कचरे के निष्पादन (वेस्ट मैनेजमेंट) की क्या व्यवस्था है?
यातायात: मुख्य मार्ग पर लगने वाले वाहनों और पार्किंग के कारण बाधित हो रहे ट्रैफिक पर क्या प्लान है?
'कागजी' साबित हो रही निगम की सख्ती!
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मेला पूर्व में भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगता रहा है। हर बार यातायात व्यवस्था का कबाड़ा होना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना इसकी पहचान बन चुका है। बिना फायर एनओसी और इलेक्ट्रिकल ऑडिट के चल रहे ये भारी-भरकम झूले कभी भी किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे सकते हैं।
निगम ने नोटिस में साफ चेतावनी दी थी कि 3 दिन में जवाब न मिलने पर मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद मेला संचालक बेखौफ होकर मेला चला रहा है, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
क्या बोले जिम्मेदार?
"क्षेत्रीय पार्षद के पत्र के बाद मेला संचालक को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया था। समयावधि पूरी होने के बाद नियमों के तहत आगे की वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आम जनता की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा।"
— राजस्व विभाग, नगर निगम रतलाम
अब देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम प्रशासन इस बार वास्तव में कोई कड़ा कदम उठाकर मेला बंद कराता है या फिर हर बार की तरह यह मामला भी केवल कागजी खानापूर्ति और फाइलों में दबकर रह जाता है। शहरवासियों की नजरें अब निगम की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।