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 रतलाम शहर कांग्रेस में बगावत: नई कार्यकारिणी पर उठा विवादों का बवंडर, अल्पसंख्यकों की अनदेखी से भारी आक्रोश

 
 

​रतलाम, 02मई (इ खबर टुडे)। शहर कांग्रेस कमेटी की हाल ही में घोषित कार्यकारिणी को लेकर पार्टी के भीतर कलह और असंतोष की लहर तेज हो गई है। कार्यकारिणी सूची जारी होने के बाद से ही पक्षपात और अपनों को उपकृत करने के आरोप लग रहे हैं। विवाद उस समय और गहरा गया जब जिले की कार्यकारिणी में वरिष्ठ नेताओ को तव्वजो नहीं मिलने से कार्यकर्त्ता ने भारी नाराजगी दिख रही है।

​जैसे ही कार्यकारिणी की सूची सार्वजनिक हुई, शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं का स्पष्ट आरोप है कि पार्टी के लिए लाठियां खाने वाले और जमीनी स्तर पर संघर्ष करने वाले नेताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के बीच गहरी नाराजगी देखी जा रही है। समर्थकों का कहना है कि जो समाज हमेशा कांग्रेस का मजबूत वोट बैंक रहा, उसे ही कार्यकारिणी में उचित प्रतिनिधित्व नहीं देकर पार्टी नेतृत्व ने बड़ी चूक की है। नाराज समर्थक बड़ी संख्या में पूर्व ब्लॉक मंडल अध्यक्ष सोहेल काज़ी के निवास पर पहुंचे और सोहेल को कार्यकारिणी में जगह नहीं देने विरोध किया। सोहेल काजी ने नाराज कार्यकर्ताओ को समझा बुझाकर शांत किया और नेताओ को रवाना किया। 

​'नजदीकियों' को तवज्जो, कर्मठ कार्यकर्ता उपेक्षित
​कांग्रेस के भीतर इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि नई टीम के गठन में संगठन की मजबूती के बजाय 'भाई-भतीजावाद' और 'नजदीकियों' को प्राथमिकता दी गई है। आरोप है कि दो प्रदेश पदाधिकारियों और चार पार्षदों को दोहरी जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सालों से पार्टी का झंडा उठाने वाले अनुभवी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर दिया गया।

​असंतोष का व्यापक असर
​राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते इस असंतोष को नहीं दबाया गया, तो आगामी चुनावों में पार्टी को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कार्यकारिणी में बदलाव की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे इस अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। फिलहाल, दवे परिवार, जाट परिवार, काजी परिवार और मंसूरी समाज जैसे प्रभावशाली समूहों के कई वरिष्ठ नामों को तवज्जो न मिलने से शहर कांग्रेस में बगावती सुर बुलंद हैं।