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 चेक बाउंस मामला: जिला कोर्ट से परिवादी को मिला न्याय, आरोपी को चार माह की जेल और जुर्माने की सजा

 

 

रतलाम, 25 जुलाई (इ खबर टुडे)। लेन-देन के मामले में चेक बाउंस होने पर परेशान परिवादी जगदीश लोठिया को आखिरकार जिला न्यायालय से न्याय मिल गया है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने अधीनस्थ न्यायालय का पुराना आदेश निरस्त करते हुए आरोपी को चेक राशि, 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने और ऐसा न करने पर 4 माह के कारावास की सजा सुनाई है।

​जानकारी के अनुसार, परिवादी जगदीश लोठिया ने आरोपी तुलेश पिता ईश्वरलाल राठौर (निवासी- नागेश्वर रोड, मेवाती मोहल्ला, आलोट) को ₹2,75,000 नगद दिए थे। इस राशि के भुगतान के बदले तुलेश ने परिवादी को एक चेक सौंपा था। जब परिवादी ने बैंक में चेक लगाया, तो खाते में 'अपर्याप्त निधि' (Insufficient Funds) होने के कारण चेक बाउंस हो गया।

​इसके बाद परिवादी ने न्याय के लिए न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, आलोट के न्यायालय में परिवाद पेश किया था, लेकिन वहां से यह निरस्त हो गया था।

ऊपरी अदालत ने पलटा फैसला
​अधीनस्थ न्यायालय के आदेश से असंतुष्ट होकर परिवादी ने अपने वकीलों के माध्यम से जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आरिफ खान पटेल के समक्ष अपील (प्रकरण क्रमांक CRA/3/2026) प्रस्तुत की।

​मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश डॉ. आरिफ खान पटेल ने अपील को स्वीकार किया और अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने आरोपी को आदेशित किया कि ​वह 30 दिनों के भीतर परिवादी को चेक की मूल राशि ₹2,75,000 का भुगतान करे।​ चेक की तिथि से लेकर अब तक 9 प्रतिशत की दर से प्रतिकर (मुआवजा) राशि और न्याय शुल्क भी अदा करे। ​यदि आरोपी तय सीमा में भुगतान नहीं करता है, तो उसे 4 माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।

​इस मामले में परिवादी जगदीश लोठिया की ओर से अभिभाषक मनीष फरक्या, निर्मल परमार, रवि सेठिया एवं अजय वर्मा ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।