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 जनसुनवाई: कलेक्टर ने सुनीं 100 आवेदकों की समस्याएं, मौके पर ही दिए निराकरण के निर्देश

 
 

रतलाम, 28 अप्रैल (इ खबर टुडे)। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आवेदकों की भारी भीड़ उमड़ी। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने एक-एक कर 100 आवेदकों से मुलाकात की और उनकी पीड़ा सुनी। इस दौरान प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर कलेक्टर ने अधिकारियों को जमकर निर्देशित किया।

जनसुनवाई में ​रावटी तहसील के ग्राम रैला से पहुंची आवेदिका हुनाबाई ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि खेत में बिजली का झटका लगने से उनके पति की असमय मृत्यु हो गई। अब परिवार के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा है। कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तहसीलदार रावटी को तत्काल आर्थिक सहायता प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए।

"मकान बन गया पर पैसा नहीं मिला"
​ग्राम कोटड़ी के हीरालाल का मामला सरकारी लेटलतीफी का उदाहरण बनकर सामने आया। आवेदक ने बताया कि पीएम आवास का काम पूरा हुए साल भर होने को है, लेकिन अंतिम दो किश्तें 11 महीनों से अटकी हैं। इस पर कलेक्टर ने जनपद सीईओ को फटकार लगाते हुए पूछा कि भुगतान में इतनी देरी क्यों हो रही है।

शमशान की जमीन पर भू-माफिया की नजर
​बाजेड़ा निवासी बापुसिंह ने सरकारी जमीन पर बने शमशान पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि खाली भूमि को कब्जाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने इस मामले में जांच कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

सीवर की समस्या पर निगम कमिश्नर को निर्देश
​रतलाम शहर के निवासी रमेश ने बताया कि वे महीनों से जाम सीवर और बाथरूम की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे घर में बीमारी फैलने का डर है। नगर निगम द्वारा केवल आश्वासन देने की बात पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने निगम कमिश्नर को समस्या का स्थायी निराकरण करने को कहा।

जनसुनवाई में उपस्थित सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन एवं एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने भी आवेदनों का परीक्षण किया। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो आवेदन मौके पर निराकृत हो सकते हैं, उन्हें तत्काल सुलझाएं और शेष फाइलों को समय-सीमा के भीतर क्लोज करें।