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रतलाम / खेत में मक्का-कपास के बीच उगाई गई थी गांजे की खेती, 1.50 लाख के हरे पौधे जब्त; दो आरोपी गिरफ्तार

 

 

​रतलाम, 10अक्टूबर (इ खबर टुडे)। ​रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में शिवगढ़ थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की खेती का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 17.025 किलोग्राम वजन के 127 हरे गांजे के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

​पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश पन्द्रो एवं एसडीओपी (ग्रामीण) किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी सैलाना लेखराज मीणा (आईपीएस) के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

​थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक लिलियन मालवीय को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम जाम्बुकुड़ी निवासी प्रभुलाल ने अपने खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे उगा रखे हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बताए गए खेत पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही खेत में मौजूद दो व्यक्ति ​प्रभुलाल (35 वर्ष) पिता रखमा पारगी निवासी ग्राम जाम्बुकुड़ी, थाना शिवगढ़ जिला रतलाम, ​प्रकाश (29 वर्ष) पिता विश्राम देवधा निवासी मनासा, थाना शिवगढ़ (हाल मुकाम ग्राम जाम्बुकुड़ी) जिला रतलाम भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें पुलिस बल एवं पंचों की मदद से घेरकर दबोच लिया गया।

​तलाशी लेने पर पाया गया कि आरोपियों ने मक्का और कपास की घनी फसलों के बीच छिपाकर गांजे के पौधे उगाए थे ताकि किसी की नजर न पड़े। पुलिस ने मौके पर सभी 127 हरे पौधों को गिनकर जब्त कर लिया। आरोपियों के विरुद्ध थाना शिवगढ़ में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इस गांजे की सप्लाई कहाँ की जानी थी।

आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस टीम में थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक लिलियन मालवीय, उपनिरीक्षक प्रतापसिंह भदोरिया, उपनिरीक्षक अजमेरसिंह भुरिया, प्रधान आरक्षक जितेन्द्रपालसिंह राठौर, विक्रमसिंह घोसरे, रघुवीर सिंह तथा आरक्षक अनिल सूर्यवंशी, मनीष खराड़ी, महिला आरक्षक सावित्री मकवाने एवं रेणु डावर की सराहनीय भूमिका रही।