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अंजुश्री होटल में बी डब्ल्यू जी निरीक्षण, रूपए डेढ लाख का जुर्माना

होटल श्री गंगा पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के उल्लंघन पर 02 लाख का जुर्माना
 

 

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उज्जैन,06 नवंबर(इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। चार सफाई कर्मियों की मौत के बाद होटल श्री गंगा एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। होटल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के निरीक्षण में ड्रेनेज एवं एसटीपी प्लांट बंद मिले हैं। यहां गीले और सूखे कचरे को मिलाकर रखा जा रहा था। इसके चलते होटल प्रबंधन को नोटिस जारी करने के साथ ही 2 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

नगर पालिक निगम से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) के दायित्वों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देवास रोड स्थित होटल श्री गंगा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन एवं गंभीर लापरवाही पाए जाने पर होटल प्रबंधन पर नगर निगम द्वारा 02 लाख का जुर्माना अधिरोपित किया गया। साथ ही आवश्यक सुधार करने एवं सुरक्षित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु नोटिस भी जारी किया गया।

SBM नोडल अधिकारी एवं सहायक आयुक्त रविकांत मगरदे, सहायक आयुक्त घनश्याम मचार एवं पवन कुमार फुलफकीर सहित निगम की टीम द्वारा होटल परिसर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि होटल से निकलने वाले गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के बजाय आपस में मिलाकर रखा जा रहा था। इसके अतिरिक्त होटल का ड्रेनेज सिस्टम एवं एसटीपी प्लांट बंद पाया गया। टैंकों में गाद भरी हुई थी तथा संपूर्ण प्लांट बंद एवं खराब स्थिति में मिला।

इन गंभीर कमियों को देखते हुए नगर निगम की टीम ने होटल प्रबंधन पर रूपए 2 लाख का जुर्माना किया तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुरूप व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम उपस्थित रही।

अंजुश्री होटल में भी वही खामियां मिली
नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) इकाइयों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम की टीम ने अंजुश्री होटल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अंतर्गत निर्धारित मानकों एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर निगम अधिकारियों द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार कर होटल के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 1 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना किया गया

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि होटल परिसर में चार प्रकार के कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण नहीं किया जा रहा था। जैविक कचरे के प्रसंस्करण के लिए क tvम्पोस्टिंग व्यवस्था एवं अन्य संसाधन खराब स्थिति में मिले तथा कम्पोस्टर बिन में मिश्रित कचरा पाया गया। इसके अतिरिक्त दैनिक अपशिष्ट प्रबंधन का रिकॉर्ड एवं लॉगबुक उपलब्ध नहीं थी। सूखे एवं पुनर्चक्रण योग्य कचरे के उचित भंडारण तथा उससे संबंधित रिकॉर्ड का भी अभाव पाया गया। इसी प्रकार बायोमेडिकल कचरे का निर्धारित नियमों के अनुसार प्रबंधन नहीं किया जा रहा था। होटल का एसटीपी प्लांट भी संतोषजनक स्थिति में नहीं मिला। एसटीपी से निकलने वाले पानी के निस्तारण की व्यवस्था उचित नहीं थी तथा वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई।