रतलाम / बजरंग दल ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन: 'विकृत जिहादी मानसिकता' और अवैध कब्जों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग
रतलाम, 17 अप्रैल (इ खबर टुडे)। देश में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों और आंतरिक सुरक्षा के खतरों को लेकर 'बजरंग दल' के कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार ऋषभ ठाकुर को सौंपा। इस ज्ञापन में दल ने 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' और सुनियोजित षड्यंत्रों के विरुद्ध कड़े केंद्रीय कानून बनाने और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में एक "विकृत जिहादी मानसिकता" देश के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रही है। बजरंग दल के अनुसार, अब इन गतिविधियों में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की संलिप्तता भी बढ़ रही है, जो राष्ट्र की सुरक्षा और सद्भाव के लिए एक गंभीर चुनौती है।
ज्ञापन में दल ने नासिक (TCS) जैसे प्रतिष्ठित व्यावसायिक क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि अब शिक्षित समाज भी इस जाल की गिरफ्त में है। उत्तर प्रदेश के जमालुद्दीन और उसकी सहयोगी नसरीन का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कैसे हिंदू कन्याओं को ब्लैकमेल कर जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मुस्लिम डॉक्टरों और महिला डॉक्टर शाहीन की संलिप्तता पर सवाल उठाए गए।
सरकारी, वन विभाग और रेलवे की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया गया। समाज में वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से खाद्य पदार्थों के साथ की जा रही अशुद्ध हरकतों पर अंकुश लगाने की मांग की गई। आरोप लगाया गया कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अल्पसंख्यक हिंदू और जनजातीय परिवारों की बालिकाओं का शोषण कर उन्हें पलायन के लिए विवश किया जा रहा है।
प्रमुख मांगें
बजरंग दल ने प्रशासन और सरकार के समक्ष राष्ट्र विरोधी मानसिकता रखने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उन पर तुरंत एक्शन लिया जाए। सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर किए गए सभी अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं। लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए पूरे देश में एक सख्त केंद्रीय कानून लागू हो। जनजातीय क्षेत्रों में शोषण रोकने हेतु एक विशेष सुरक्षा तंत्र (Security Mechanism) विकसित किया जाए।
बजरंग दल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है और यदि इन असामाजिक तत्वों पर नकेल नहीं कसी गई, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद में प्रदर्शन करते हुए रतलाम शहर तहसीलदार ऋषभ ठाकुर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोपा।