रतलाम : छात्रावास अधीक्षिका के ट्रांसफर से आक्रोशित छात्राएं पहुंचीं कलेक्ट्रेट, लगाया गंभीर आरोप – "शासन-प्रशासन में सिर्फ पैसों की चलती है"
रतलाम,10 अगस्त(इ खबर टुडे)। रतलाम जिले के आलोट स्थित शासकीय कन्या अनुसूचित जनजाति (अ.जा.) सीनियर छात्रावास की दर्जनों छात्राएं अपने परिजनों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुँचीं और जमकर प्रदर्शन किया। छात्राएं अपने छात्रावास की अधीक्षिका निर्मला भांभर का स्थानांतरण (ट्रांसफर) निरस्त करने की मांग को लेकर कलेक्टर से मिलने आई थीं।
छात्राओं द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, गत माह 13 जुलाई को छात्रावास के अधीक्षक करण जाट बिना अनुमति के छात्राओं के कमरों में घुस आए और उनकी फोटो-वीडियो बनाने लगे। जब छात्राओं ने यह बात अपनी अधीक्षिका निर्मला भांभर को बताई, तो अधीक्षिका ने इस पर आपत्ति जताई। आरोप है कि आपत्ति जताने पर आरोपी द्वारा अधीक्षिका के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
छात्राओं का कहना है कि अधीक्षिका ने उनकी सुरक्षा और निजता (प्राइवेसी) के हक में आवाज उठाई थी। लेकिन कार्रवाई आरोपी के खिलाफ करने के बजाय शासन-प्रशासन ने एक सोची-समझी साजिश के तहत अधीक्षिका का ही ट्रांसफर कर दिया।
कलेक्ट्रेट परिसर में मीडिया व अधिकारियों से बात करते हुए छात्राओं ने शासन और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। भावुक और आक्रोशित छात्राओं ने सीधे शब्दों में कहा "शासन - प्रशासन में यहां किसी की कोई सुनवाई नहीं होती, यहां सिर्फ पैसों की चलती है। जो सही काम करता है, उसे ही दबाया और ट्रांसफर कर दिया जाता है।"
छात्राओं ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के सामने सीढ़ियों और परिसर में बैठकर विरोध दर्ज कराया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया।
छात्राओं और उनके परिजनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अधीक्षिका का स्थानांतरण तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो वे सभी छात्राएं छात्रावास छोड़ने पर मजबूर होंगी और आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करेंगी।