रतलाम / पटवारी सुसाइड मामले में आक्रोश, FIR की मांग पर अड़ा पटवारी संघ; मेडिकल कॉलेज पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
रतलाम,22अप्रैल (इ खबर टुडे)। जिले की आलोट तहसील में पदस्थ पटवारी रवि खराड़ी की आत्महत्या के बाद प्रशासनिक गलियारों और राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को यह मामला तब और गरमा गया जब मृतक के परिजन और पटवारी संघ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर अड़ गए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम (ADM) समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं, जहां परिजनों से समझाइश का दौर जारी है।
उल्लेखनीय है कि पटवारी की मौत के बाद घटनास्थल से बरामद हाथ से लिखे सुसाइड नोट ने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। मृतक पटवारी रवि खराड़ी ने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर नायब तहसीलदार सरिता राठौर को जिम्मेदार ठहराया है। नोट के अनुसार, पटवारी पर पुराने राजस्व रिकॉर्ड, नक्शा बटांकन और मौका रिपोर्ट में हेरफेर करने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा था। रवि खराड़ी ने पत्र में लिखा कि गलत काम से इनकार करने पर उन्हें जानबूझकर 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। "मैं इस दबाव में नौकरी नहीं कर सकता," सुसाइड नोट में दर्ज यह पंक्ति प्रशासनिक 'अत्याचार' की पराकाष्ठा को दर्शाती है।
आधी रात तक थाने का घेराव, अब आंदोलन की चेतावनी
पटवारी संघ ने इस घटना को व्यवस्थागत हत्या करार दिया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार का शिकार होना पड़ रहा है। बीती आधी रात तक पटवारी संघ के सदस्यों ने थाने का घेराव कर नारेबाजी की। जब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती और उन्हें निलंबित नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मेडिकल कॉलेज में परिजनों और अधिकारियों के बीच तनावपूर्ण चर्चा चल रही है। परिजन शव लेने से पहले कार्रवाई की लिखित गारंटी चाह रहे हैं।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और उसमें लगाए गए आरोपों की सत्यता जांची जा रही है। हालांकि, पटवारी संघ का साफ कहना है कि बिना ठोस कार्रवाई के वे पीछे नहीं हटेंगे।