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जनसुनवाई:आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर महिला के नाम पर निकाल लिया लाखों का फर्जी लोन, सिविल स्कोर हुआ खराब

 
 

रतलाम,19मई (इ खबर टुडे)। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम बांगरोद की एक महिला के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा उसके नाम पर लाखों रुपये का फर्जी लोन दर्ज कर दिया गया। पीड़िता जब समूह लोन लेने गई, तब सिबिल (CIBIL) स्कोर चेक कराने पर इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीड़िता ने कलेक्टर महोदय के नाम शिकायती आवेदन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

​जनसुनवाई में आवेदन देने पहुँची पीड़िता गंगाबाई पति जगदीश मालवीय (निवासी ग्राम बांगरोद, जिला रतलाम) ने बताया कि उसने कभी भी किसी प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से कोई लोन नहीं लिया और न ही कभी लोन के लिए आवेदन किया। लेकिन जब उसने अपना सिबिल स्कोर चेक करवाया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके आधार नंबर पर जबरन तीन अलग-अलग निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा भारी-भरकम लोन राशियाँ दर्ज दिखाई दे रही हैं।

​इन कंपनियों ने दर्शाया फर्जी लोन
​पीड़िता के सिबिल रिकॉर्ड में मुख्य रूप से तीन निजी फाइनेंस कंपनिया इलेक्ट्रॉनिक फाइनेंस, चोला मण्डलम्, वेरीटास फाइनेंस के नाम सामने आए हैं। ​इन कंपनियों द्वारा महिला के नाम पर 27 हज़ार 747 , 2लाख 43 हजार102, 7लाख 69हजार002 और 1लाख54 जज़ार270 की लोन राशियाँ फर्जी तरीके से चढ़ा दी गई हैं।

​पीड़िता ने बताया कि "जब मुझे इस फर्जीवाड़े का पता चला, तो मैंने संबंधित फाइनेंस कंपनियों के दफ्तर जाकर इस बात की जानकारी ली और विरोध दर्ज कराया। लेकिन कंपनियों के अधिकारियों द्वारा न तो कोई उचित जवाब दिया गया और न ही इस समस्या का कोई समाधान निकाला गया। इस फर्जी लोन के कारण मेरा सिबिल स्कोर पूरी तरह खराब हो चुका है, जिससे मुझे अब जायज कामों के लिए भी 'समूह लोन' मिलना बंद हो गया है।"

​जांच के लिए कलेक्टर से लगाई गुहार
​पीड़िता गंगाबाई ने मंगलवार को जनसुनवाई (टोकन नंबर 119) में उपस्थित होकर प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन में मांग की गई है कि उसके नाम पर आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर जो धोखाधड़ी की गई है, उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि उसे इस मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके और फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो सके। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जांच में लिया है।