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सर्किल जेल रतलाम में ‘अपराध से मुक्ति, आध्यात्म से युक्ति’ विषय पर विशेष व्याख्यानमाला आयोजित

जेल अब केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार एवं आत्मपरिवर्तन के केंद्र बन रहे हैं : संत हरिराम शास्त्री महाराज
 

 

रतलाम, 02 मई (इ खबर टुडे)। सर्किल जेल रतलाम में बंदियों के आध्यात्मिक उत्थान एवं नैतिक जागरण के उद्देश्य से ‘अपराध से मुक्ति, आध्यात्म से युक्ति’ विषय पर विशेष व्याख्यानमाला का आयोजन ‘खुशी एक पहल वेलफेयर सोसाइटी’ रतलाम द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत हरिराम शास्त्री महाराज ने कहा कि जेल अब केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार एवं आत्मपरिवर्तन के केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने जेल प्रशासन द्वारा बंदियों के सुधार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि योग, ध्यान, प्रार्थना एवं सत्संग व्यक्ति के अंतर्मन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। वास्तविक सुधार तब संभव होता है, जब व्यक्ति स्वयं आत्मचिंतन कर अपनी गलतियों को स्वीकार कर जीवन में नई दिशा अपनाने का संकल्प लेता है।

उन्होंने कहा कि अध्यात्म मनुष्य को संयम, सकारात्मक सोच एवं आत्मबल प्रदान करता है, जिससे वह अपराध प्रवृत्तियों से दूर होकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सकता है। संत हरिराम शास्त्री महाराज ने बंदियों को योग, ध्यान एवं नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर संत गोपाल राम महाराज एवं संत रामानुजन महाराज ने भी बंदियों को सन्मार्ग, अनुशासन एवं नैतिक जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के दौरान बंदियों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा संतों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। संतवृंद का पुष्पहार द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान बंदियों को प्रेरणादायी संदेश, आध्यात्मिक साहित्य एवं नैतिक जीवन से संबंधित मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में सर्किल जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया, उप जेल अधीक्षक ब्रजेश मकवाना, पतंजलि योगपीठ युवा भारत जिला प्रभारी विशाल कुमार वर्मा, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, समाजसेवी अनिल झालानी, निखलेश सोनी, भूपेंद्र गहलोत, आयुष पांचाल, अशोक देवड़ा, कन्हैया पटेल, तरुण सांखला, नैतिक पुरोहित सहित जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया तथा आभार प्रदर्शन रत्नेश विजयवर्गीय द्वारा व्यक्त किया गया।