सावन मास की फुहारों और शिव आराधना के रंग में डूबी साहित्यिक मंच 'स्पन्दन' की विशेष गोष्ठी
रतलाम, 06 अगस्त (इ खबर टुडे)। साहित्यिक मंच 'स्पन्दन' के बैनर तले गत 6 अगस्त को एक विशेष साहित्य सभा का भव्य आयोजन किया गया। वर्तमान में चल रहे पावन सावन मास के विशेष अवसर पर आयोजित इस गोष्ठी का संपूर्ण केंद्रबिंदु 'सावन और शिव' की महिमा रहा, जिसमें देश-विदेश के प्रबुद्ध साहित्यकारों ने अपनी ओजस्वी और मधुर रचनाओं से समां बांध दिया।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ प्रबुद्ध साहित्यकार स्वर्गीय चित्रभूषण श्रीवास्तव द्वारा रचित सरस्वती वंदना से हुआ, जिसे आदरणीया सुनीता राजीव ने अपने अत्यंत मधुर स्वर से सजाया। इंदौर की युवा कवयित्री सोनम उपाध्याय ने अपनी रचना 'कर्म ही धर्म' के माध्यम से जीवन में कर्म के महत्व और उसकी प्रधानता का सुंदर संदेश दिया।
अलीगढ़ (उत्तरप्रदेश) से डॉ. आभा माहेश्वरी ने 'सावन और शिव' रचना के जरिए सावन की मदमाती प्रकृति और शिव आराधना का अनूठा समागम प्रस्तुत किया। गुरुग्राम की प्रीति अग्रवाल ने अपनी रचना 'हर मन का अपना सावन' में गांव और शहर के फलक पर मुक्त बरसते सावन के मनमोहक दृश्यों को जीवंत किया।
लंदन से जुड़े प्रवासी भारतीय विवेक रंजन श्रीवास्तव ने शिव के विभिन्न रूपों की व्यापकता और उनके सहज-सरल स्वभाव का अतिसुंदर वर्णन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कानपुर की मधु प्रधान द्वारा सावन पर रचित दो छंद कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। वहीं, रतलाम की लघुकथाकार वैदेही कोठारी की रचना 'सावन तेरे आने से' ने श्रोताओं का मन मोह लिया।
चेन्नई की मोनिका डागा ने 'शिवत्व' रचना में जीवन के गूढ़ रहस्यों और शिव के प्रति पूर्ण समर्पण को शब्दों में पिरोया। दुर्ग की दीक्षा चौबे की रचना 'सावन हैं झूलों का उत्सव' को भी श्रोताओं की भरपूर सराहना मिली। मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष (उज्जैन) प्रशांत माहेश्वरी ने अपनी रचना 'बरखा रानी आयी हैं' के माध्यम से सावन में मुदित प्रकृति की सुंदरता का मनोरम वर्णन किया।
विशिष्ट उपस्थिति एवं समापन
देश-विदेश के पटल पर आयोजित इस वर्चुअल गोष्ठी में गुरुग्राम से नेहा माहेश्वरी, लखनऊ से अयोध्या प्रसाद और गाजियाबाद से अंजूषा सिंह की श्रोता के रूप में उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में स्पन्दन मंच की सचिव सोनम उपाध्याय द्वारा सभी रचनाकारों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिसके साथ ही यह साहित्यिक आयोजन सहर्ष संपन्न हुआ।