{"vars":{"id": "115716:4925"}}

रतलाम में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर दिखा अद्भुत नजारा: दो क्विंटल गुलाल से सराबोर हुआ मां कालिका का दरबार, भोर में उमड़ी महिलाओं की भीड़

माता और बहनों ने जमकर किया गरबा रास, मां काली और भारत माता के स्वरूप बने आकर्षण का केंद्र
 
रतलाम के प्रसिद्ध कालिका माता मंदिर में सुबह 4 बजे से ही गूंजे मां अंबे के जयकारे

 

रतलाम, 19 अक्टूबर (इ खबर टुडे)। शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर सोमवार तड़के रतलाम के ऐतिहासिक कालिका माता मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और उत्साह का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, मानो होली और दीपावली की खुशियां एक साथ उतर आई हों। सुबह की पहली किरण के साथ ही हजारों की संख्या में माताओं और बहनों ने मंदिर परिसर में पहुंचकर पारंपरिक गरबा रास में हिस्सा लिया। इस दौरान करीब दो क्विंटल रंग-गुलाल से पूरा मंदिर परिसर सराबोर हो गया।

रात की खामोशी के बीच जब भोर में गरबा रास शुरू हुआ, तो हर तरफ मां अंबे के जयकारे और भजनों की गूंज गूंज उठी। भजनों की लय पर कदम मिलाती युवतियों और महिलाओं के चेहरों पर अद्भुत उत्साह और भक्ति का भाव साफ झलक रहा था। मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता राकेश पोरवाल ने बताया कि मंदिर की यह परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसे हर साल अत्यंत उत्साह के साथ निभाया जाता है। इस बार भी लगभग दो क्विंटल रंग-गुलाल के बीच श्रद्धालुओं ने गरबा रास का आनंद लिया।

​देशभक्ति और शक्ति का दिखा अनूठा रूप
इस बार के गरबा रास में धार्मिक आस्था के साथ-साथ देशभक्ति और शक्ति की अनूठी झलक देखने को मिली। कई युवतियां मां काली का भव्य स्वरूप धारण कर पहुंचीं, तो वहीं कुछ ने भारत माता का रूप धरकर सबका मन मोह लिया। हाथों में तिरंगा और भगवा ध्वज थामे युवतियों ने गरबा किया। इसके साथ ही कुछ महिलाओं ने पारंपरिक शस्त्रों और तलवार का प्रदर्शन कर सनातन संस्कृति में शक्ति आराधना की परंपरा को जीवंत कर दिया। रंग-बिरंगे परिधानों और गुलाल से सजे इस आयोजन ने पूरे वातावरण को उत्सवी बना दिया।

​हवन, कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन
अष्टमी के पावन पर्व पर सोमवार सुबह से ही मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। मंदिर में सुबह 10 बजे से महाअष्टमी का हवन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। इसके बाद दोपहर 12 बजे नवमी के अवसर पर कन्या पूजन किया गया। आयोजन के अंत में नौ दिनों तक निरंतर गरबा रास में भाग लेने वाली सभी माताओं और बहनों के लिए विशेष भंडारे का आयोजन किया गया।

​रतलाम के कालिका माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान सुबह 4 से 6 बजे और रात 8 से 11 बजे तक गरबा रास का आयोजन होता है, साथ ही प्रतिदिन मां का आकर्षक श्रृंगार किया जा रहा है, जिसके दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंच रहे हैं।