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 रतलाम / जनसुनवाई में पहुँचा करोड़ों की जमीन हड़पने का मामला, फर्जी वसीयत बनाकर गोल्ड कॉम्पलेक्स की भूमि पर कब्जे का आरोप

 
 

​रतलाम,19मई (इ खबर टुडे)। जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को जमीन विवाद और फर्जीवाड़े से जुड़ी एक गंभीर शिकायत आई है। स्वर्गीय जामिन खाँ के कानूनी वारिसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर एक शिकायती आवेदन सौंपा है। आवेदकों का आरोप है कि अनावेदक नासीर खान ने एक फर्जी वसीयतनामा तैयार कर शहर की बेशकीमती 'गोल्ड कॉम्पलेक्स' की करीब 11 बीघा जमीन को अकेले हड़पने का प्रयास किया है। पीड़ितों ने इस मामले में निष्पक्ष जाँच और दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की है।

​जनसुनवाई में सौंपे गए आवेदन के अनुसार, रतलाम शहर के सर्वे नंबर 105 और 106/2 के अंतर्गत कुल 11 बीघा 11 बिस्वा जमीन स्वर्गीय जामिन खाँ (पिता नन्ने खाँ) के नाम पर दर्ज है। आवेदकों—जिसमें स्वर्गीय मुनव्वर खान के वारिसान (नसीम खाँ, इमरान खान, नसरीन खान, नाज़नीन खान, रजिया खान, मेहरून निशा, शन्नो) और स्वर्गीय सलीम खान के वारिसान (अफलाक, लयकुन, फिरोजा, अख्तर) शामिल हैं—का कहना है कि वे सभी इस संपत्ति के वैध हिस्सेदार हैं।

​फर्जी वसीयत के आधार पर धोखाधड़ी का आरोप
​शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ​प्रतिप्रार्थी नासीर खान (पिता सलीम खान) ने खुद को इकलौता वारिस साबित करने के लिए दिनांक 12-06-1996 की एक फर्जी वसीयत तैयार कर ली। ​इसी फर्जी दस्तावेज के सहारे उसने न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया, लेकिन आवेदकों के अनुसार, माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) तक से नासीर खान को कोई स्थगन (स्टे) नहीं मिला है। ​आरोप है कि इसके बावजूद नासीर खान द्वारा 13 मई 2026 को दैनिक भास्कर समाचार पत्र में एक जाहिर सूचना प्रकाशित करवाई गई, जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में एसएलपी नंबर 25308/2026 विचाराधीन होने का हवाला दिया गया है।

​पुलिस जाँच और कार्रवाई की माँग
​आवेदकों ने जिला प्रशासन को बताया कि नासीर खान द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस विवादित भूमि के संबंध में अनुबंध कर राशि भी प्राप्त कर ली गई है, जिसकी शिकायत पर पुलिस द्वारा भी जाँच और कार्रवाई की जा रही है।

आज ​मंगलवार को जनसुनवाई में नसीम, अख्तर, फीरोजा बी, मेहरून निशा और अफलाक सहित अन्य वारिसानों ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर गुहार लगाई है कि फर्जी वसीयत व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासन व न्यायालय को गुमराह करने वाले नासीर खान के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।