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 ब्लिंकिट बॉय की वेशभूषा में 40 लाख की लूट का 24 घंटे में खुलासा, साजिशकर्ता कर्मचारी गिरफ्तार, पूरी रकम बरामद

 

 

​रतलाम,02 जुलाई(इ खबर टुडे)। रतलाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में हुई 40 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का मात्र 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने घटना के मुख्य साजिशकर्ता और फरियादी के ही एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की नगदी भी बरामद कर ली गई है। वारदात को ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की ड्रेस पहनकर अंजाम दिया गया था, जिसकी पूरी प्लानिंग व्हाट्सएप पर 'ओके' (OK) कोड मैसेज भेजकर की गई थी।

​पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने प्रेस वार्ता कर बताया कि वारदात का मुख्य सूत्रधार फरियादी मनीष पटवा का कर्मचारी फरदीन खान (22 वर्ष) है। 30 जून को जैसे ही 40 लाख रुपये की नगदी फरदीन के पास पहुंची, उसने तुरंत अपने साथियों को व्हाट्सएप पर "OK" मैसेज भेजकर सिग्नल दे दिया। पूर्व योजना के अनुसार, उसका भाई फैज और साथी असबाब ब्लिंकिट कंपनी की वर्दी पहनकर स्कूटी से मौके पर पहुंचे। उन्होंने फरदीन को जान से मारने की धमकी दी और रुपयों से भरा काला बैग लेकर फरार हो गए। आरोपी असबाब पहले ब्लिंकिट में काम कर चुका था, इसलिए पुलिस को गुमराह करने के लिए उसी कंपनी की ड्रेस का इस्तेमाल किया गया था।

​सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
​घटना के बाद स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्रपाल सिंह जादौन और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तफ्तीश शुरू की। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में कर्मचारी फरदीन की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जब पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने भाई फैज और साथी असबाब के साथ मिलकर रची गई इस साजिश को उगल दिया। पुलिस ने आरोपी फरदीन और असबाब के घर के स्टोर रूम से लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

​कर्ज के दलदल और लालच ने बनाया अपराधी
​पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी फरदीन पर भारी कर्ज था। उसके पिता फिरोज खान सालों से फरियादी मनीष पटवा के यहां वफादारी से नौकरी कर रहे थे। कुछ समय पहले ही उन्होंने बेटे फरदीन को भी वहां नौकरी पर लगवाया था। नौकरी के दौरान फरदीन को पता चला कि यहां लाखों रुपये का लेन-देन होता है। इसी का फायदा उठाकर उसने लूट की यह बड़ी साजिश रच डाली।

मामले में गहराया रहस्य, जांच एजेंसियां भी कर सकती हैं एंट्री
​यह मामला जितनी तेजी से सुलझा है, उतने ही बड़े सवाल भी खड़े कर रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह रकम हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। ​जिस गौरव शर्मा की यह रकम बताई जा रही है, उनके नाम पर रतलाम जिले में कोई शराब दुकान का लाइसेंस ही नहीं है। दावा किया गया था कि बैंक बंद होने के कारण 4 दिन का कलेक्शन मनीष पटवा के दफ्तर में सुरक्षित रखने भेजा गया था, जबकि घटना वाले दिन सोमवार को बैंक खुले हुए थे। इन संदिग्ध बिंदुओं के चलते आने वाले दिनों में अन्य जांच एजेंसियां (जैसे आईटी या ईडी) भी इस मामले में कार्रवाई कर सकती हैं।

सराहनीय भूमिका: एसपी अमित कुमार के निर्देशन व एएसपी विवेक कुमार लाल, एएसपी राकेश पंद्रो व सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जितेंद्रपाल सिंह जादौन, उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह कनेश, मुकेश सस्तिया, विजय बामनिया, शिवेंद्र कुमार, नवलसिंह मिनावा और साइबर सेल के मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण व टीम की इस बड़ी सफलता में सराहनीय भूमिका रही।