शेयर बाजार के नाम पर 10 लाख की ठगी, रतलाम पुलिस साइबर सेल ने 5 लाख रुपये कराए रिफंड
रतलाम, 27 जुलाई (इ खबर टुडे)। फर्जी शेयर ट्रेडिंग और अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित को रतलाम पुलिस साइबर सेल की तत्परता से बड़ी राहत मिली है। फेसबुक पर मिली संदिग्ध लिंक के जरिए 10 लाख रुपये से अधिक गंवाने वाले फरियादी की 5 लाख रुपये से अधिक की राशि पुलिस ने ठगों के खातों में होल्ड करवाई। न्यायालय के आदेश के बाद फरियादी को 5,04,126 की राशि रिफंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरियादी को फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश से संबंधित एक लिंक मिली थी। अधिक लाभ के झांसे में आकर उसने 27 फरवरी 2026 से 12 मार्च 2026 के बीच किस्तों में 10 लाख से अधिक की रकम कथित बैंक खातों में जमा करा दी। जब उसने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो संबंधित एप्लीकेशन बंद हो गई। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने 12 मार्च को साइबर सेल रतलाम में शिकायत दर्ज कराई।
NCRP पोर्टल की मदद से तुरंत रोकी गई राशि
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने शिकायत को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया। लेनदेन की कड़ियों को ट्रैक करते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और ठगों के खातों में मौजूद ₹5,04,126 की राशि को तुरंत होल्ड करवा दिया। न्यायालय के आदेश के बाद अब तक पीड़ित के खाते में 2,68,907 वापस आ चुके हैं, जबकि शेष राशि रिफंड की प्रक्रिया जारी है।
वर्ष 2026 में 86 लाख से अधिक की राशि होल्ड
रतलाम पुलिस ने इस वर्ष साइबर अपराधियों पर कड़ा शिकंजा कसा है। वर्ष 2026 में अब तक साइबर सेल द्वारा कुल 86,28,026 की ठगी गई राशि को विभिन्न खातों में होल्ड कराया जा चुका है, जिसमें से 20,23,739 पीड़ितों के खातों में सफलतापूर्वक रिफंड भी कराए जा चुके हैं।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक जीवन बारिया, प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह, आरक्षक मोरसिंह एवं आरक्षक राहुल पाटीदार की सराहनीय भूमिका रही।
रतलाम पुलिस की अपील
"सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप आदि) पर मिलने वाले किसी भी अनजान लिंक या शेयर मार्केट में भारी मुनाफे के दावों पर भरोसा न करें। यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी के शिकार होते हैं, तो घबराएं नहीं—तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक को सूचित करें। जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।"