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 गांधी सागर जलाशय संजीत क्षेत्र के बैक वाटर में पश्चिम बंगाल के शिकारी दो माह से थे सक्रिय

 करंट से अवैध मछली के शिकार में 3 गिरफ्तार
 
 ** मगरमच्छ की संदिग्ध मौत
** करंट से होना संभावित
** जलीय पारिस्थितिकी को गंभीर क्षति पहुंचाई
 

मंदसौर,20 अप्रैल(इ खबर टुडे) । मंदसौर में पश्चिम बंगाल के शिकारियों ने करंट से अवैध मछली के शिकार के दौरान संदिग्ध तौर पर मगरमच्छ मार दिया। घटना का खुलासा सोश्यल मिडिया की आशंका पर जांच के दौरान हुआ। नाहरगढ थाना पुलिस ने सुकांत सरकार, सुजान विश्वास,देवव्रत विश्वास को गिरफ्तार किया है।  आरोपियों के कब्जे से अवैध शिकार में प्रयुक्त UPS बैटरी, विद्युत तार एवं अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं।

मंदसौर डीएफओ संजय रायखेरे के अनुसार  गांधीसागर जलाशय के संजीत क्षेत्र के बैकवाटर में 15 अप्रेल को सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ वीडियो संज्ञान में आए, जिनमें बड़ी संख्या में मृत मछलियाँ एवं एक मगरमच्छ के मृत होने की आशंका जताई गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ बाहरी व्यक्तियों द्वारा जल में विद्युत करंट प्रवाहित कर अवैध रूप से मछलियों का शिकार किया जाना सामने आया। घटना की सूचना प्राप्त होते ही नाहरगढ़ पुलिस, वन विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से त्वरित कार्यवाही करते हुए पश्चिम बंगाल निवासी 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से अवैध शिकार में प्रयुक्त UPS बैटरी, विद्युत तार एवं अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। प्रकरण में मत्स्य अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।

दो दिन की सर्चिंग में मिला मृत मगरमच्छ

इसी को लेकर वन विभाग ने 16 से 18 अप्रैल सतत सर्चिंग अभियान चलाया गया। 18 अप्रैल को संजीत डूब क्षेत्र के सान टापू के समीप एक मृत मगरमच्छ पाया गया, जो अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में था। अभ्यारण्य गांधीसागर में पदस्थ वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. आकाश वाल्मिकी द्वारा मौके पर वैज्ञानिक परीक्षण हेतु नमूने लिए गए एवं पोस्टमार्टम किया गया। तत्पश्चात वनमण्डलाधिकारी मंदसौर, राजस्व, वन स्टाफ एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में मृत मगर का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।

फारेंसिक रिपोर्ट के बाद होगा प्रकरण दर्ज

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी पिछले दो महीनों से इस क्षेत्र में सक्रिय थे और करंट के माध्यम से मछलियों का अवैध शिकार कर रहे थे, जिससे जलीय पारिस्थितिकी को गंभीर क्षति पहुंची है। इसी दौरान मगरमच्छ की मृत्यु भी करंट की चपेट में आने से होना संभावित है।

वन विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्यवाही की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। शिकारियों के नेटवर्क को लेकर भी वन विभाग सक्रिय हो गया है।