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शासन को राजस्व की हानि नहीं होने देगंे - कलेक्टर

 

शक्तियों का उपयोग करे राजस्व अधिकारी

रतलाम,19 जुलाई (इ खबर टुडे )। कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की मासिक बैठक में प्राप्त अधिकारों व शक्तियों का उपयोग करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि राजस्व अधिकारियों के पास असीमित शक्तियॉ है जिनका समुचित उपयोग करने पर समस्याओं का निराकरण न केवल तत्परतापूर्वक हो सकता हैं अपितु नई समस्याऐं भी उत्पन्न नहीं होगी। कलेक्टर ने डायवर्सन के प्रकरणों में अनुचित विलम्ब से शासन को होने वाली राजस्व हानि पर चिंता जताते हुए हिदायत दी कि किसी भी किमत पर राजस्व हानि नहीं होने दी जाये। कलेक्टर ने उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश को अनुविभागीय अधिकारियों के द्वारा चाहे गये अनापत्ति प्रमाण पत्र तत्काल जारी करने के निर्देश दिये ताकि शासन को राजस्व की हानि न हो। उन्होने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को बैठकों में आने के पूर्व अधिनस्थ तहसीलदारों के प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिये। राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने नामातरण, बॅटवारा, सीमाकंन, डायवर्सन वसूली, सीएम हेल्पलाईन, जन सुनवाई, समाधान ऑनलाईन, लोक सेवा से बाह्य प्रकरण और जन शिकायतों के निराकरण में विगत एक माह में राजस्व अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की। श्रीमती सुन्द्रियाल ने सीमाकंन के प्रकरणों पर संतोष व्यक्त किया वही नामांतरण में और अधिक सक्षमता से कार्य करने की आवश्यकता जताई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्देश दिये:- एक वर्ष से अधिक के लम्बित प्रकरणों को यथाशीघ्र निराकृत करने आगामी बैठक से पूर्व डायर्वसन के समस्त प्रकरणों को निराकृत करने महात्वपूर्ण योजनाओं में भू-अर्जन के प्रकरणों को विलम्बित न रखने और मुआवजा राशि को प्राथमिकता से वितरित करने राजस्व अधिकारियों को प्राप्त शक्तियों का समुचित उपयोग करते हुए अपने न्यायालयों मे चल रहे प्रकरणों का निराकरण करने किसी भी प्रकरण को जो उनके शक्तियों के अंतर्गत निराकृत किये जा सकते हैं उन्हें हरगिज भी कलेक्टर न्यायालय में न भेजने लोक सेवा ग्यारंटी के प्रकरणों के निराकरण में विलम्ब कर आर्थिक दण्ड की स्थिति न निर्मित होने देनें गिरदावरी बेहतर तरीके से कराने नये निर्देशों के अनुरूप राजस्व ग्रामों को चिन्हित करने और तहसीलों व टप्पा तहसील कार्यालय को एक -एक कम्प्युटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं आगामी बैठकों में मुख्य चार बिन्दु अंतर्गत समीक्षा होगी कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने कहा कि आगामी माह से राजस्व अधिकारियों की बैठक चार मुख्य बिन्दुओं पर आधारित रहेगी। प्रत्येक बिन्दु के लिये समीक्षा का एक घण्टा तय होगा। उन्होने बताया कि सर्वप्रथम रेवन्यु केस मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीएमएस) पोर्टल अनुसार नामातंरण, बटवारा, सीमाकंन, डायवर्सन संबंधी वसूली, अतिक्रमण इत्यादि की समीक्षा की जायेगी। पश्चात क्रिमिनल प्रोसिजर कोर्ट (सीआरपीसी) की समीक्षा होगी फिर सीएम हेल्पलाईन, जन सुनवाई, जन शिकायत, समाधान ऑनलाईन, लोक सेवा के बाह्य प्रकरणों के संबंध में समीक्षा होगी और अंत में समय-समय पर जारी किये गये निर्देशों और दिये गये या सम्भावित प्रशिक्षणों के संबंध में समीक्षा होगी। संयुक्त कलेक्टर श्रीमती लक्ष्मी गामड़ नोडल अधिकारी रहेगी कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने राजस्व अधिकारियों की बैठक के लिये संयुक्त कलेक्टर श्रीमती लक्ष्मी गामड़ को नोडल अधिकारी बनाया है। श्रीमती गामड़ को निर्देशित किया गया हैं कि वे बैठक के एक सप्ताह पहले एजेण्ड भेजेगी। फोल्डर तैयार किये जाकर सभी एसडीएम को उपलब्ध कराएगी। सभी को सूचना भिजवायएगी और बैठक में उपस्थित होने वालों से उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करवाना सुनिश्चित करवाएगी। बैठक के पूर्व विगत एक माह में निराकृत प्रकरणों की जानकारी भी बैठक में रखी जाएगी। राजस्व अधिकारियों की बैठक में एडीएम डॉ. कैलाश बुन्देला ने भी अधिनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में एसडीएम जावरा आर.पी.वर्मा,एसडीएम शहर श्रीमती नेहा भारतीय, एसडीएम आलोट वीरसिंह चौहान एवं तहसीलदार व नायब तहसीलदार उपस्थित थे।