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छतरपुर नगर निगम बनने की प्रक्रिया, जिले के 20 गांव शामिल, भोपाल से मंजूरी का इंतजार

 

Chhatarpur News: छतरपुर को नगर निगम बनाने की योजना पिछले दो सालों से कागजी प्रक्रिया में अटकी हुई थी। जून 2023 में इसकी घोषणा हुई थी, लेकिन अब तक केवल प्रारंभिक तैयारी ही पूरी हुई है। जिला प्रशासन ने प्रस्ताव में पाई गई कमियों को सुधार कर नगरीय प्रशासन विभाग को पुनः भेज दिया है।

नगर निगम बनाने के प्रस्ताव में शामिल गांवों की पूरी जानकारी दी गई है। इसमें प्रत्येक पंचायत का नाम, शामिल ग्राम, जनसंख्या, जनसंख्या घनत्व, सर्वे नंबर, क्षेत्रफल, कोर ग्राम से दूरी, गूगल मैप और रंगीन नक्शा शामिल हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों के नाम, पदनाम, वेतन, निवास और कार्य विवरण की जानकारी भी प्रपत्र में भेजी गई है, ताकि नगर निगम बनने के बाद कर्मचारियों का संविलियन किया जा सके।

जिला प्रशासन ने 10 किलोमीटर की परिधि के गांवों को भी नक्शे में चिह्नित किया है। इस प्रस्ताव में बगौता, ढड़ारी, बजरंग गढ़, बूदौर, अतरार, रामगढ़, गुरैया, बूढ़ा, आमहार, ब्रजपुरा, सिमरिया, मौराहा, गठेवरा, बरकौंह्य, कांटी, पलौठा, सरानी, खौंप, निवारी, खमरी, मोरवा, कलानी, भगवंतपुर, मारगुंवा, कैंडी, धमौरा, गौरगांव, हमा, सूरजपुर, मुआसी, सौरा, मलपुरा, टुरया, हतना, पठापुर, देरी, कतरवारा, बाजनापुरवा, राधेनगर, परा, ललौनी और चंद्रपुरा गांव शामिल हैं।

इन गांवों के शामिल होने से नगर निगम का क्षेत्रफल वर्तमान 3171.86 हेक्टेयर से बढ़कर 20628.19 हेक्टेयर तक पहुँच जाएगा, जो लगभग छह गुना विस्तार के बराबर है। जनसंख्या भी 3,62,333 तक पहुँच जाएगी। इसके साथ ही शहर के आसपास के 10 किलोमीटर की परिधि वाले गांवों को भी आवश्यकता पड़ने पर शामिल किया जा सकता है।

अब नगर निगम बनाने की प्रक्रिया का अगला चरण भोपाल स्तर पर होगा। नगर निगम के प्रस्ताव को नगरीय प्रशासन विभाग से मंजूरी मिलने के बाद कैबिनेट की स्वीकृति, राज्यपाल की अनुमति और गजट नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि सभी दस्तावेज समय रहते पूरे हो जाते हैं, तो आगामी चुनाव से पहले नगर निगम की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

यह प्रस्ताव छतरपुर शहर और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रशासनिक विकास और समग्र योजना को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।