{"vars":{"id": "115716:4925"}}

MP News: 1 अक्टूबर से एमपी के 10000 बच्चों की पढ़ाई हो जाएगी बंद, जानिए क्या है कारण 

 

MP News: मध्य प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत दर्ज बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहराने लगा है। प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत बच्चों को 9 पढ़ाने का अल्टीमेटम राज्य शिक्षा केंद्र को दे दिया है। इसका मुख्य कारण है फीस विवाद। निजी स्कूल संचालकों ने कहा है कि 30 सितंबर तक विभाग फीस चुकाए क्योंकि 3 साल से फीस बकाया है। भोपाल शहर में 1200 निजी स्कूलों में लगभग 10000 बच्चों को आरटीई के अंतर्गत एडमिशन दिया गया है लेकिन सरकार ने अभी इन बच्चों का फीस नहीं भरा है।

 निजी स्कूल एसोसिएशन के अजीत सिंह के अनुसार प्राइवेट स्कूल में सरकार ने आरटीई के अंतर्गत बच्चों का दाखिला करवा दिया है। राज्य में हर साल एक से ज्यादा ऐडमिशन  कराया जा रहा है और इन बच्चों का फीस सरकार देती है लेकिन 3 साल से सरकार ने बच्चों का फीस नहीं दिया है। राज्य के अधिकतर स्कूलों में आरटीई के अंतर्गत नामित बच्चों का फीस सरकार के द्वारा भरा नहीं गया है।

 स्कूल संचालकों का कहना है कि तिवारी सीजन में शिक्षकों का वेतन देना होता है लेकिन अभी तक सरकार ने हमारा पैसा नहीं चुकाया है। संगठन के अनुसार स्कूल इससे पहले भी फीस की मांग कर चुके हैं लेकिन सरकार ने ज्ञापन पर कोई सुनवाई नहीं की है। अब मजबूरन सरकार को चेतावनी देनी पड़ी है और सभी प्राइवेट स्कूलों ने कह दिया है कि अगर सरकार फीस नहीं बढ़ती है तो हम आरटीई के अंतर्गत नामित बच्चों का नाम काटकर उन्हें हटा देंगे।

 

एक नजर में

शहर में 1200 निजी स्कूल

आइटीई में 10000 बच्चों का हुआ प्रवेश।

तीन साल से फीस की नहीं हुई प्रतिपूर्ति।

(एसोसिएशन के मुताबिक)

3 साल की फीस बकाया

तीन साल की फीस बकाया है। स्कूलों की आर्थिक स्थिति खराब है। तीस सितंबर तक फीस की प्रतिपूर्ति नहीं हुई तो आरटीई के तहत दर्ज(RTE School Admission) बच्चों को प्राइवेट स्कूल पढ़ाने में असमर्थ रहेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र को इसका पत्र दे चुके हैं। - अजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन